निवेश करने का परिचय

पोजिशन जीरो

पोजिशन जीरो

पोजिशन जीरो

The New Generation Tool and Technology

उत्पादों की सुविधाएँ

उत्पादों की मुख्य विशेषताएं हैं, रंग छवियों को अनहाइड करना और छिपाना: इस अबैकस को संचालित करते समय छात्र निचले और ऊपरी स्लाइडर्स को उन रंगों की छवियों को अनहाइड और छिपाने के लिए स्थानांतरित करता है जो मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं । रंग चित्रों और विशिष्ट मूल्यों का प्रदर्शन पहले के अबाकस की तुलना में दृश्य को कई गुना बेहतर, मजबूत, तेज, तनाव मुक्त और त्रुटि मुक्त गणना बनाता है ।

Indian Abacus - छात्रों के लिए डिजिटल, USB पोर्टल के माध्यम से PC या LAPTOP को जोड़कर ऑनलाइन और ऑफ-लाइन कोचिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है और बच्चों को सीखने - अभ्यास करने - अबैकस कौशल का ऑनलाइन और कहीं भी परीक्षण करने में सक्षम बनाता है ।

Indian Abacus - Digital for Tutors, छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए कक्षा में Tutors द्वारा उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है । हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, एमपी 3 प्लेयर, रिमोट कंट्रोल जो उपकरण का हिस्सा है, एलसीडी और एलईडी स्क्रीन पर गणना के उत्तरों के प्रदर्शन को सक्षम करता है।

स्लाइडर्स को उन स्थितियों में रखा जाता है जब एबाकस कार्य करते समय लंबवत देखा जाता है और मान नहीं बदलते हैं, और स्लाइडर्स स्थिर और दृढ़ होते हैं , और इस तरह उत्तर सही होंगे।

जीरो वैल्यू पोजिशन : स्लाइडर का पोजिशन वाले रंग जो क्रीम कलर बैक राउंड के साथ सिंक करते हैं उन्हें जीरो वैल्यू पोजिशन माना जाता है।

तनाव मुक्त दृश्य: स्लाइडर का रंग और कोई रंग स्थिति भ्रम और निराशावादी दृश्य को दूर करते हैं।

भारतीय रेलवे LIVE ट्रेन रनिंग स्‍टेटस

अब आप एनडीटीवी के साथ भारतीय रेलवे की किसी भी ट्रेन का लाइव स्टेटस और रनिंग स्टेटस जान सकते हैं. यह आपकी ट्रेन की सटीक स्थिति और उसकी लोकेशन की सही-सही जानकारी पाने का सबसे तेज और आसान तरीका है. अपनी ट्रेन का स्टेटस जानने के लिए सर्च बार में अपनी ट्रेन का नंबर टाइप करें और गेट स्टेटस पर क्लिक करें. ऐसा करने पर आपको पता चलेगा कि आपकी ट्रेन अभी कहां पर है और किन दो स्टेशनों के बीच है. जीपीएस ट्रैकर और नेविगेशन सिस्टम से ट्रेन की लेटेस्ट लोकेशन का पता लगता है, जो यात्रियों को सही और रियल टाइम डाटा उपलब्ध करवाने में मदद करता है.

अब आपको भारतीय रेलवे की हेल्पलाइन नंबर पर कई मिनटों तक होल्ड पर रहने की जरूरत नहीं है. क्योंकि आप अपने मोबाइल, कंप्यूटर या फिर टैब से ही अपनी ट्रेन की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ईटीए और ईटीडी दोनों ही ट्रेन की लाइव स्थिति के बारे में बताते हैं. इसके जरिए, भारतीय रेल यात्रियों को पता चल सकता है कि ट्रेन स्‍टेशन पर कब पहुंचने या स्टेशन से कब निकलने वाली है.

भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, जिसमें 70,000 से अधिक यात्री कोच और 11,000 से ज्यादा लोकोमोटिव हैं. 2015-16 के दौरान एक दिन में लगभग 22 मिलियन यात्रियों को लेकर 7,000 से अधिक स्टेशनों को कवर करते हुए औसतन 13,313 यात्री ट्रेनें रोजाना चलती थीं.

चूंकि रोजाना ढेरों यात्री भारतीय रेलवे से यात्रा करते हैं ऐसे में ऑनलाइन ट्रेन रनिंग स्‍टेटस और लाइव ट्रेन स्‍टेटस के जरिए ट्रेन के रियल टाइम स्‍टेटस को जानना बेहद आसान हो जाता है.

People Born in September: सितंबर में जन्मे जातक होते हैं इस मामले में आगे, जानें इनके बारे में ये रोचक बातें

सितंबर में जन्मे व्यक्ति दिल से काफी उदार स्वभाव के होते हैं। उदार होने के साथ ही अपने को अधिक महत्त्व देने वाले होते हैं। कोई इनसे अगर कुछ गलत कह दे तो ये सुनते नहीं हैं। ये अपनी धुन के बड़े ही पक्के होते हैं।

सितंबर में जन्मे जातक

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, व्यक्ति के जन्म का पोजिशन जीरो महीना उसके स्वभाव, गुण-दोष, पसंद-नापसंद आदि के बारे में बहुत-सी बातें बताता है। जैसे सितंबर में जन्मे व्यक्ति दिल से काफी उदार स्वभाव के होते हैं। उदार होने के साथ ही अपने को अधिक महत्त्व देने वाले होते हैं। कोई इनसे अगर कुछ गलत कह दे तो ये सुनते नहीं हैं। ये अपनी धुन के बड़े ही पक्के होते हैं। एक बार जो करने की ठान लेते हैं तो उसे फिर करके ही रहते हैं।

अपने काम में देते हैं अपना शत् प्रतिशत
सितंबर में जन्म लेने वाले जातक समय के साथ खुद में बदलाव करते हैं और अपने काम में अपना शत् प्रतिशत देने की कोशिश करते है। इनका जीवन संघर्ष से परिपूर्ण रहता है। जीवन के किसी न किसी बिंदु पर इन्हें निराशा हाथ लग ही जाती है। ये लोग अपनी मेहनत के बल पर करियर में अच्छी पोजिशन में होते हैं लेकिन प्यार के मामले में जीरो होते हैं। इनके जीवन में कहीं न कहीं कुछ खालीपन रह ही जाता है। सितंबर माह में जन्म लेने वाले बेहतरीन सिंगर, राइटर, एडिटर, साइंटिस्ट होते हैं।

होती है सीखने की ललक
सीखने और समझने की ललक भी काफी होती है। खुद को कैसे आगे बढ़ाना है इनसे बेहतर शायद ही किसी और को आता हो। इनको जानना थोड़ा मुश्किल होता है। कभी-कभी तो इनके खास मित्र भी नहीं जान पाते हैं कि इनके दिमाग में चल क्या रहा है। गुस्सा तो काफी आता है इन्हें परंतु इन्हें ये लगता है कि इनसे विनम्र कोई है ही नही। ये दूसरों से काम निकालना बखूबी जानते हैं।

ऊर्जा से रहते हैं लबालब
सितंबर में जन्म लेने वाले ऊर्जा से तो लबालब भरे रहते है परंतु इनमें अहंकार हावी रहता है। काम के तो बड़े ही पक्के होते है। 24 घंटे बिना खाए पिए काम करने की क्षमता तो इनमें होती है परंतु एक बुरी आदत यह भी होती है की इनकी लोगों से हर पल ये उम्मीद रहती है कि पोजिशन जीरो इनके काम की तरफ होती रहे।

विस्तार

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, व्यक्ति के जन्म का महीना उसके स्वभाव, गुण-दोष, पसंद-नापसंद आदि के बारे में बहुत-सी बातें बताता है। जैसे सितंबर में जन्मे व्यक्ति दिल से काफी उदार स्वभाव के होते हैं। उदार होने के साथ ही अपने को अधिक महत्त्व देने वाले होते हैं। कोई इनसे अगर कुछ गलत कह दे तो ये सुनते नहीं हैं। ये अपनी धुन के बड़े ही पक्के होते हैं। एक बार जो करने की ठान लेते हैं तो उसे फिर करके ही रहते हैं।

अपने काम में देते हैं अपना शत् प्रतिशत
सितंबर में जन्म लेने वाले जातक समय के साथ खुद में बदलाव करते हैं और अपने काम में अपना शत् प्रतिशत देने की कोशिश करते है। इनका जीवन संघर्ष से परिपूर्ण रहता है। जीवन के किसी न किसी बिंदु पर इन्हें निराशा हाथ लग ही जाती है। ये लोग अपनी मेहनत के बल पर करियर में अच्छी पोजिशन में होते हैं लेकिन प्यार के मामले में जीरो होते हैं। इनके जीवन में कहीं न कहीं कुछ खालीपन रह ही जाता है। सितंबर माह में जन्म लेने वाले बेहतरीन सिंगर, राइटर, एडिटर, साइंटिस्ट होते हैं।

होती है सीखने की ललक
सीखने और समझने की ललक भी काफी होती है। खुद को कैसे आगे बढ़ाना है इनसे बेहतर शायद ही किसी और को आता हो। इनको जानना थोड़ा मुश्किल होता है। कभी-कभी तो इनके खास मित्र भी नहीं जान पाते हैं कि इनके दिमाग में चल क्या रहा है। गुस्सा तो काफी आता है इन्हें परंतु इन्हें ये लगता है कि इनसे विनम्र कोई है ही नही। पोजिशन जीरो ये दूसरों से काम निकालना बखूबी जानते हैं।

ऊर्जा से रहते हैं लबालब
सितंबर में जन्म लेने वाले ऊर्जा से तो लबालब भरे रहते है परंतु इनमें अहंकार हावी रहता है। काम के तो बड़े ही पक्के होते है। 24 घंटे बिना खाए पिए काम करने की क्षमता तो इनमें होती है परंतु एक बुरी आदत यह भी होती है की इनकी लोगों से हर पल ये उम्मीद रहती है कि इनके काम की तरफ होती रहे।

Square Off Meaning in Hindi

बहुत से लोग स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते है लेकिन कुछ ही लोग है जो इसकी बारीकियों को समझते है, ट्रेडिंग में बहुत से शब्दो का इस्तेमाल किया जाता है जिनमें सबसे ज्यादा उपयोग में होने बाला एक शब्द है स्क्वायर ऑफ। तो आइये जानते है square off meaning in hindi.

स्क्वायर ऑफ क्या होता है?

स्क्वायर ऑफ ट्रेड से बाहर निकलने की एक प्रक्रिया है जिसे इंट्राडे ट्रेडर मार्केट की वोलेटिलिटी (volatility) से होने वाले उतार–चढाव से लाभ कमाने के लिए उपयोग करते हैं।

स्क्वायर ऑफ ट्रेडर के नजरिए से एक सेटेलमेंट शैली है, जहां एक ट्रेडर द्वारा खरीदे गए सभी शेयरों को पूरी तरह से बेच दिया जाता है। इंट्राडे ट्रेडिंग सत्र में स्क्वायर ऑफ अनिवार्य होता है, ताकि यदि ट्रेडर स्वयं अपनी होल्डिंग पोजीशन को बंद नहीं करते हैं, तो अधिकांश स्टॉक ब्रोकर स्वचालित रूप से दोपहर 3:15 बजे से दोपहर 3:20 बजे के बीच, ट्रेडों को बंद कर देते हैं।

स्क्वायर-ऑफ का उद्देश्य होल्डिंग ट्रेडों को पूरा करना है। इसका मतलब यह है कि आपके द्वारा सुबह खरीदा या बेचा गया कोई भी इंट्राडे ट्रेड स्टॉक मार्केट बंद होने से पहले बेचा या वापस खरीदा जाना चाहिए।

उदाहरण,

मान लीजिए ट्रेडर X 500 रुपये प्रति शेयर प्राइस पर SBI के 100 स्टॉक खरीदने के लिए ट्रेडिंग प्लेटफार्म का उपयोग करता है और ये उम्मीद करता है कि 505 पर प्राइस जाने पर वह ट्रेड को स्क्वायर-ऑफ कर देगा।

अगर ट्रेडर X इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम यानी की 3:15 से पहले अपनी पोजिशन को स्क्वायर-ऑफ नही करता है तो ब्रोकर स्वचालित रूप से ट्रेड को ऑटो स्क्वायर-ऑफ कर देगा।

पोजिशन को स्क्वायर ऑफ कैसे करें?

ट्रेडिंग में, किसी मौजूदा पोजिशन को स्क्वायर-ऑफ करना बहुत आसान है ये आप अपने स्टॉक ब्रोकर के ऐप या प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी पोजिशन पर जाकर उसे स्क्वायर-ऑफ कर सकते है।

जैसे मान लीजिए आपने बैंक निफ्टी फ्यूचर को खरीदा है और कुछ समय बाद बैंक निफ्टी आपकी दिशा में चला गया है और अब आप प्रॉफिट बुक करना चाहते है तो अपनी पोजिशन पर जाकर सैल पर क्लिक करे, फिर आपके सामने एक विंडो खुल जायेगी, जिसमें आप चाहे तो मार्केट प्राइस पर सेल कर सकते है या खुद प्राइस डाल कर उस प्राइस तक बैंक निफ्टी के आने का इंतजार कर सकते है।

स्क्वायर-ऑफ टाइमिंग

ट्रेडिंग में Square off Meaning in Hindi को पोजिशन जीरो समझने के बाद आइए इसके लिए भारतीय स्टॉक मार्केट की स्क्वायर-ऑफ समय सीमा पर एक नजर डालते हैं।

दोपहर 03:15 बजे से 03:20 बजे के बीच, अधिकांश ब्रोकर द्वारा सभी स्टॉक और एफ एंड ओ होल्डिंग्स को स्क्वायर-ऑफ कर दिया जाता है।

जबकि करेंसी फ्यूचर्स का स्क्वायर-ऑफ टाइम शाम 4:45 बजे से शाम 4:50 बजे तक होता है।

इसके अलावा MCX का स्क्वायर-ऑफ टाइम मार्केट बंद होने से 30 मिनट पहले होता है। MCX के लिए स्क्वायर-ऑफ का समय लगभग 10:35 बजे और रात 11:20 बजे होता है।

ऑटो स्क्वायर ऑफ चार्ज क्या है?

यदि ब्रोकर आपकी ओपन पोजीशन को ऑटो स्क्वायर-ऑफ करता है, तो ऑटो स्क्वायर-ऑफ कॉस्ट के रूप में प्रत्येक ऑर्डर के लिए ब्रोकर आपको 20 से 50 रुपये (प्लस 18 प्रतिशत GST) का जुर्माना लगाता है।

तो यहाँ पर ब्रोकरेज के अतिरिक्त आपको स्क्वायर ऑफ चार्ज का भुगतान भी करना होता है जिससे आपका कमाया हुआ मुनाफा कम हो जाता है।

नतीजतन, आपको ऑटो स्क्वायर-ऑफ कॉस्ट को रोकने के लिए समय से पहले अपनी पोजिशन को स्क्वायर-ऑफ करना चाहिए।

Square Off Meaning in Option Trading

स्टॉक मार्केट में एक ट्रेडर या निवेश को ट्रेड करने के लिए बहुत से रास्ते खुले हुए है जिनमें इंट्राडे ट्रेडिंग, ऑप्शन ट्रेडिंग, फ्युचर ट्रेडिंग, पोजिशनल ट्रेडिंग आदि शामिल है, अभी तक हम square off meaning in hindi के बारे में समझ गए है लेकिन अभी हम ये देखते है कि स्क्वायर ऑफ ऑप्शन ट्रेडिंग में कैसे काम करता है।

ऑप्शन ट्रेडिंग में किसी भी स्टॉक या इंडेक्स में जब हम ट्रेड करते है तो हमें स्ट्राईक प्राइस, एक्सपायरी आदि चुननी होती है।

यानि की आप जो भी एक्सपायरी चुनेंगे आपको उस एक्सपायरी तिथि से पहले अपनी पोजिशन को Square Off करना होगा, नही तो वह पोजिशन खुद ब खुद Square Off हो जायेगी। जैसे कि हमने ऊपर ऊपर बताया है, अब इसे आसान शब्दों में समझते है.

मान लीजिये बैंक निफ्टी अभी 33500 पर चल रहा है और आपको लगता कि अगले महीने के अंत से पहले बैंक निफ्टी 35000 तक जा सकता है। इस स्थिती में आप 35000 का कॉल ऑप्शन अगले महिने की एक्सपायरी के लिए खरीद लेते है।

अभी आपकी पोजिशन की एक्सपायरी नजदीक है और बैंक निफ्टी 34000 पर है लेकिन आपने 35000 तक जाने की उम्मीद की थी।

इस स्थिती में आपको अपनी पोजिशन को एक्सपायरी से पहले Square Off करना होगा, नही तो आपके ऑप्शन की वैल्यु जीरो हो जायेगी। क्योंकि ऑप्शन एक्सपायरी के जितने नजदीक जायेगा उतनी ही तेजी से ऑप्शन की वैल्यु कम होती जायेगी।

नोट – ऑप्शन ट्रेडिंग में Weekly और Monthly एक्सपायरी होती है आप जिस भी एक्सपायरी को ट्रेड करने के लिए चुनते है आपको उस एक्सपायरी तिथि से पहले अपनी पोजिशन को Square Off करना होता है, फिर चाहे बह Weekly एक्सपायरी हो या फिर Monthly एक्सपायरी हो।

Square Off Meaning in Future Trading

एक हद तक फ्युचर और ऑप्शन की ट्रेडिंग प्रकिया समान होती है जैसे हम ऑप्शन खरीदने के एक निश्चित तिथि का चयन करते है ठीक इसी प्रकार फ्युचर ट्रेडिंग में भी हमें एक्सपायरी का चयन करना होता है। वस फर्क इतना है कि हमें फ्युचर ट्रेडिंग में स्ट्राईक प्राइस को चुनने की जरुरत नही पडती है।

फ्युचर ट्रेडिंग में आप अधिकतम तीन महीने के लिए फ्युचर कॉन्ट्रेट खरीद सकते है, इससे में भी एक्सपायरी तिथि से पहले आपको अपनी पोजिशन को Square Off करना होता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझते है।

मान लिजिए बैंक निफ्टी अभी 33700 पर चल रहा है और आपको लगता कि महीने के अंत से पहले बैंक निफ्टी 34000 तक जा सकता है। तव इस स्थिती में आप वर्तमान महीने की एक्सपायरी के साथ बैंक निफ्टी फ्युचर खरीद सकते है।

अव माना महीने के अंत में बैंक निफ्टी का प्राइस 33900 है तव आपको जो भी प्रॉफिट मिल रहा है उसे लेकर अपनी पोजिशन को Square Off कर सकते है, वही दूसरी तरफ अगर महीने के अंत में बैंक निफ्टी का प्राइस 33500 है तो इस स्थिती में आपको जितना भी नुकसान हो रहा है उससे के साथ अपनी पोजिशन को Square Off करना होगा।

निष्कर्ष

इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय, आपको समय का विशेष ध्यान देना है। अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग कर रहे है तो सुनिश्चित करे कि ऑटो स्क्वायर-ऑफ समय से पहले अपनी पोजिशन को स्क्वायर-ऑफ करे, जिससे कि ब्रोकर की पैनल्टी से बच सके।

शेयर मार्केट में निवेश करने हेतु आपको अलग-अलग टर्म से अवगत होना काफी आवश्यक है जिसके लिए आप हमारे द्वारा प्रदान ऑनलाइन स्टॉक मार्केट कोर्स ले सकते है।

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जानिए किस पोजिशन में सोने से होते हैं क्या-क्या फायदे, मिलता है कई बीमारियों से छुटकारा!


ज्यादातर लोगों को सोना की सही पोजीशन के बारे में जानकारी नहीं होती है और किन स्थितियों में सोने का क्या लाभ है, इसके बारे में नहीं जानते हैं. आइये जानते हैं अच्छी सेहत के लिए किस करवट सोना चाहिए?

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जानिए किस पोजिशन में सोने से होते हैं क्या-क्या फायदे, मिलता है कई बीमारियों से छुटकारा!

नई दिल्ली: रोज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम रोजाना थककर सोने रात को बिस्तर पर जाते हैं. लेकिन सोने की सही पोजिशन बेहद मायने रखती है. इसका असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है. जहां कुछ लोग सीधा सोते हैं तो कुछ दाएं या बाईं करवट सोना पसंद करते हैं. जबकि कुछ लोग पेट के बल सोना पसंद करते हैं. लेकिन कई बार गलत पोजिशन में लेटने से तबीयत भी बिगड़ जाती है. आइए जानते हैं कि किस करवट सोने से फायदा होता है.

1. कुछ लोगों को पेट के बल सोने की हैबिट होती है. लेकिन ऐसे सोना शरीर को नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि पेट के बल सोने पर शरीर पर ज्यादा वजन पड़ता जिससे ह्रदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बना रहता है.

2. प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बाईं करवट सोना बेहतर माना जाता है. इससे गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता. इसके अलावा एड़ी, हाथों और पैरों में सूजन की समस्या भी नहीं होती.

3. अक्सर देखने को मिलता है कि ठीक तरीके से नहीं सोने की वजह से पेट में गैस जैसी समस्या होती है. लेकिन बाईं तरफ सोने से पेट का एसिड ऊपर की जगह नीचे की ओर ही जाता है, जिससे एसिडिटी और सीने की जलन नहीं होती है.

4. पेट में कब्ज की समस्या में बाईं ओर सोने से राहत मिल सकती है. भोजन छोटी आंत से बड़ी आंत में बहुत आराम से पहुंचता है और सुबह पेट साफ होने में आसानी होती है.

5. बाईं तरफ करवट लेकर सोना शारीरिक स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माना जाता है. इससे दिल पर अधिक दबाव नहीं पड़ता, और वह बेहतर तरीके से कार्य कर पाता है.

6. डिनर के बाद लोग तुरंत ही सोने चले जाते हैं, ऐसे में आपको बाईं तरफ मुंह कर सोना फायदेमंद होगा. इससे आपका खाना धीरे-धीरे पचता है और बॉडी का तापमान अच्छा रहता है. दरअसल, शरीर ,के बाईं ओर पाचन तन्त्र होता है, और ह्रदय भी बाईं तरफ ही होता है. लेकिन इसके उल्टा जब कोई दाईं तरफ सोता हो तब भोजन जल्दी जल्दी पचता है जो शरीर के लिए काफी नुकसानदायक साबित होता है.

7. सोते वक्त तकिया लगाकर कभी सीधा नहीं सोना चाहिए, क्योंकि इसका असर सीधा आपके रीड की हड्डियों पर पड़ता है. वहीं अगर आप बाई औऱ मुंह करके सोते हैं तो ऐसे में आपकी रीड की हड्डियां सीधी रहती हैं और आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

Disclaimer- इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. हम इसकी पुष्टि नहीं करते. इन पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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