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Kalonji for Weight Loss: पतली कमर के लिए रोजाना पीएं नींबू में कलौंजी मिलाकर, जानें सेवन का तरीका

How to Take रूस दलालों kalonji for Weight Loss: कलौंजी एक ऐसा फूड आइटम है जिसको खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। रूस दलालों वहीं, नीबू के सेवन से कई स्वास्थ्य और त्वचा से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप कलौंजी और नींबू को मिलाकर सेवन करते हैं तो इससे आपको ढरों सेहत लाभ प्राप्त हो सकते हैं? नहीं तो आज हम आपको कलौंजी और नींबू को एक साथ मिलाकर पीने के फायदे बताने जा रहे हैं।

इसके रोजाना नियमित तौर पर सेवन करने से आपको वजन घटाने से लेकर डायबिटीज को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है, तो चलिए जानते हैं कलौंजी और नींबू के फायदे-

कलौंजी और नींबू के फायदे – Kalonji with Lemon Benefits

वेट लॉस में उपयोगी – Kalonji with lemon for weight loss

वजन घटाने के लिए आप 1 चुटकी कलौंजी के बीज को लेकर बारीक पीस लें। फिर आप 1 गिलास गर्म पानी में कलौंजी का पाउडर, 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद डालकर मिला लें। इसके रोजाना सेवन से आपका वजन तेजी से घटने लगता है।

डायबिटीज को कंट्रोल करे – Kalonji with lemon for Diabetes

अगर आप रोजाना नियमित तौर पर गर्म पानी में कलौंजी का तेल और नींबू का रस मिलाकर सेवन करते हैं तो इससे आपके डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसलिए कलौंजी और नींबू डायबिटीज मरीजों के लिए रमबाण इलाज साबित हो सकता है।

जोड़ों के दर्द में राहत दिलाए – Kalonji with lemon for Arthritis

अगर आप जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान रहते हैं तो ऐसे में आप कलौंजी और नींबू क पानी जरूर पीएं। इसके साथ ही आप कलौंजी तेल से जोड़ों की नियमित तौर पर मसाज करें इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

पाचन में उपयोगी – Kalonji with lemon for Digestion

अपच की समस्या के लिए आप 1 गिलास गुनगुने पानी में 2 से 3 बूंदे कलौंजी का तेल डालें। फिर आप इसमें 1 चम्मच काला नमक और 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं। इससे आपको अपच, गैस और बदहजमी से जैसे समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

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यूक्रेन में रूसी हमले तेज, दूतावास ने कहा- जल्द से जल्द देश छोड़ें भारतीय नागरिक

भारतीय दूतावास की ओर से एक एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे जितना जल्द हो सके देश छोड़ दें।

यूक्रेन में रूसी हमले तेज, दूतावास ने कहा- जल्द से जल्द देश छोड़ें भारतीय नागरिक

नई दिल्ली। भारतीय दूतावास ने बुधवार को यूक्रेन में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय नागरिकों से जल्द से जल्द यूक्रेन छोड़ने की अपील की गई है। साथ ही दूतावास ने कहा, ‘यूक्रेन में जारी संघर्ष के तेज होने के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे यूक्रेन के भीतर की अनावश्यक यात्रा से बचें।'

एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक यूक्रेन की सरकार और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा और संरक्षा दिशा-निर्देश का कड़ाई से अनुपालन करें। यूक्रेन के कई अन्य स्थानों पर विस्फोटों की सूचना मिली है।

इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यूक्रेन में संघर्ष के बढ़ने से हम बहुत चिंतित है, जिसमें बुनियादी ढांचे और नागरिक मौतों को लक्षित करना शामिल है। हम दोहराते हैं कि शत्रुता बढ़ाना किसी के हित में नहीं है।

भारतीय दूतावास की ओर से यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब रूस अपने इस पड़ोसी मुल्क पर लगातार मिसाइल हमले और गोलाबारी कर रहे हैं। रूस के इन बदस्तूर जारी हमलों से यूक्रेन के कई गांवों, कस्बों और दो शहर बिजली के बिना अंधकार में डूब गए।

यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, कीएव को झुकाने के मकसद से मॉस्को इसके ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है। उधर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बीती रात हुए हमलों से पहले यूक्रेनियों से देश के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को बचाने का प्रयास करने का आग्रह किया था।

तेलंगाना ऑपरेशन लोटस: बीजेपी महासचिव बीएल संतोष को SIT का समन

इस मामले में मुख्यमंत्री केसीआर बीजेपी पर हमलावर हुए थे और उन्होंने कुछ वीडियो जारी कर दावा किया था कि उनकी पार्टी के विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की गई। क्या वाकई ऑपरेशन लोटस के जरिए विधायकों को खरीदने की कोशिश की गई थी? बीजेपी पर ऑपरेशन लोटस के जरिए विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को गिराने रूस दलालों का आरोप लगता रहा है।

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तेलंगाना में कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में तेलंगाना पुलिस ने बीजेपी के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष को समन भेजा है। बीएल संतोष से कहा गया है कि वह इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने 21 नवंबर को पेश हों वरना उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि पुलिस अपनी जांच को जारी रख सकती है लेकिन अदालत ने यह भी कहा था कि एक जज इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। बीजेपी ने इस मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।

इस बीच, बीजेपी की तेलंगाना इकाई ने हाई कोर्ट में एसआईटी के इस नोटिस के खिलाफ एक अंतरिम याचिका दायर की है। याचिका दायर करने वाले बीजेपी नेता प्रेमेंद्र रेड्डी का कहना है कि एसआईटी ऐसे लोगों का उत्पीड़न कर रही है जिनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

इस मामले में मुख्यमंत्री केसीआर बीजेपी रूस दलालों पर हमलावर हुए थे और उन्होंने कुछ वीडियो जारी कर दावा किया था कि उनकी पार्टी के विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की गई। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा था कि दिल्ली के दलालों ने उनकी पार्टी के 4 विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश की। जबकि बीजेपी ने कहा था कि केसीआर और बीआरएस सिर्फ राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं।

क्या है मामला?

तेलंगाना में सरकार चला रही भारत राष्ट्र समिति ने पिछले महीने कहा था कि उसके चार विधायकों को पार्टी बदलने के लिए मोटी रकम देने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। साइबराबाद के पुलिस आयुक्त स्टीफन रवींद्र ने कहा था कि बीआरएस के चार विधायकों ने पुलिस को सूचना दी थी कि उन्हें अपना राजनीतिक दल बदलने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की जा रही है। सूचना पर पुलिस ने मोइनाबाद के अजीज नगर में स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारा था।

पुलिस के मुताबिक, छापे के दौरान यहां पर तीन लोग मिले जो विधायकों को लालच देने की कोशिश कर रहे थे। इन 3 लोगों में हरियाणा के फरीदाबाद के पुजारी सतीश शर्मा उर्फ रामचंद्र भारती, तिरुपति में श्रीमनाथ राजा पीठम के पुजारी सिम्हैयाजी और व्यवसायी नंदा कुमार शामिल हैं। विधायकों की शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की थी और तीनों को अदालत में पेश किया था।

पुलिस ने कहा था कि इस मामले में चारों विधायकों को अच्छी खासी रकम देने की पेशकश की गई थी। कहा गया था कि इस काम में अहम भूमिका निभाने वाले शख्स को 100 करोड़ रुपए रूस दलालों दिए जाने थे जबकि हर विधायक को 50-50 करोड़ रुपए देने की पेशकश की गई थी।

जिन चार विधायकों ने पुलिस से इस मामले में शिकायत की थी उनके नाम गुववाला बलाराजू, बी. हर्षवर्धन रेड्डी, रेगा कांताराव और पायलट रोहित रेड्डी हैं। जिस फार्म हाउस में रिश्वत देने की कोशिश का आरोप लगाया गया है वह विधायक रोहित रेड्डी का है।

 - Satya Hindi

खबरों के मुताबिक, रामचंद्र भारती आरएसएस का करीबी है और वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित बीजेपी के कई नेताओं के साथ दिखता रहा है। जबकि रूस दलालों नंदा कुमार केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी का करीबी है।

तेलंगाना में कुछ ही महीनों के भीतर विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और बीआरएस का सीधा मुकाबला इस बार बीजेपी से होना है। इसलिए इस मामले को लेकर बीआरएस ने बीजेपी पर हमला बोल दिया था और ऑपरेशन लोटस का आरोप लगाया था।

बता दें कि ऑपरेशन लोटस को लेकर बीते दिनों दिल्ली और पंजाब की सियासत में अच्छा खासा हंगामा हो चुका है और इन राज्यों की सरकारों ने बीजेपी नेताओं पर उनकी सरकारों को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

उससे पहले भी बीजेपी पर ऑपरेशन लोटस के जरिए विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को गिराने का आरोप लगता रहा है।

बताना होगा कि के. चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति कर दिया था। केसीआर 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजनीति में जगह तलाशना चाहते हैं।

'भारत और रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी', EEF की बैठक में बोले पीएम मोदी

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत-रूस रूस दलालों की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है। साथ ही उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर किए गए सहयोग सहित कोविड-19 महामारी के दौरान दोनों देशों के बीच हुए ‘मजबूत' सहयोग का उल्लेख किया। ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) के पूर्ण सत्र को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक अन्य प्रमुख स्तंभ है और भारत एवं रूस मिलकर वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने यह उल्लेख किया कि भारत में एक प्रतिभाशाली और समर्पित कार्यबल है जबकि सुदूर पूर्व क्षेत्र संसाधनों से भरा हुआ है और रूसी सुदूर पूर्व के विकास में योगदान करने की खातिर भारतीय प्रतिभाओं के लिए जबरदस्त गुंजाइश है। उन्होंने फोरम में हिस्सा लेने के लिए 2019 में रूसी शहर व्लादिवोस्तोक की अपनी यात्रा और उस दौरान "एक्ट फार ईस्ट पॉलिसी" के लिए भारत की प्रतिबद्धता की घोषणा का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि यह नीति रूस के साथ भारत की "विशेष और करीबी रणनीतिक साझेदारी" का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास में योगदान के लिए भारत रूस का एक विश्वसनीय भागीदार होगा। श्री मोदी ने रूस के सुदूर पूर्व व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम-2021 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और रूस अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वाणिज्य के लिए उत्तरी समुद्री मार्ग खोलने में भागीदार होंगे , वहीं देश का मझगांव डॉक्स वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण के लिए रूस के ज्वेज्दा शिपबिल्डिंग कॉम्प्लेक्स के साथ साझेदारी करेगा। प्रधानमंत्री ने व्लादिवोस्तोक को यूरेशिया और प्रशांत का ‘संगम' करार देते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के द्दष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा , ‘‘ भारत इस विजन को साकार करने में रूस का एक विश्वसनीय भागीदार होगा।

मैं 2019 में जब फोरम में भाग लेने के लिए व्लादिवोस्तोक गया था तो मैंने ‘एक्ट फार-ईस्ट' नीति के लिए देश की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। यह नीति रूस के साथ हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।'' वर्ष 2019 में व्लादिवोस्तोक से ज्वेज्दा तक जहाज पर अपनी यात्रा के दौरान उनकी बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्री पुतिन ने उन्हें ज्वेज्दा में आधुनिक जहाज निर्माण को लेकर चर्चा की थी और उम्मीद जतायी थी कि भारत रूस दलालों इसमें भागीदारी करेगा। उन्होंने कहा, ‘आज मुझे खुशी है कि भारत के सबसे बड़े शिप याडर् में से एक मझगांव डॉक्स लिमिटेड दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण के लिए ज्वेज्दा के साथ साझेदारी करेगा।

जहां चाहे वहां से खरीदेंगे किसी ने नहीं रोका रूस से तेल आयात पर बोले हरदीप पुरी

Hardeep-Singh-Puri

नई दिल्ली : केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा है कि भारत सरकार का अपने नागरिकों को ऊर्जा देना नैतिक कर्तव्य है और वह जहां से भी तेल खरीदना जारी रखेगी। पुरी ने आगे कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने भारत से ऐसा नहीं कहा है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर दे। बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच एक साल से चली आ रही जंग के बीच पश्चिमी देशों और अमेरिका ने रूस के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की थी।

जिसके बाद भारत पर दबाव बनना शुरू हो गया था कि वह रूस से कच्चा तेल न खरीदेपिछले साल से रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा वैश्विक यु्द्ध दुनिया के सामने कई दुष्परिणाम लेकर आया है। परमाणु हमले के अलावा दुनिया के कई देश मंदी की तरफ बढ़ रहे हैं। महंगाई ने जीना मुहाल कर दिया है।

खासकर रूस और यूक्रेन की तरफ से दुनिया को दी जाने वाली आपूर्ति का वैश्विक स्तर पर काफी असर पड़ा है। दुनिया भर के तेल आपूर्ति देशों ने कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी की है। इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई रूस से भारत के कच्चे तेल का आयात अप्रैल के बाद से 50 गुना से अधिक बढ़ गया है और अब यह विदेशों से खरीदे गए सभी कच्चे तेल का 10 प्रतिशत है। यूक्रेन युद्ध से पहले भारत रूस से रूस दलालों कच्चे तेल का आयात कुल आयात से सिर्फ 0.2 प्रतिशत करता था।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत को किसी ने रूस से तेल खरीदना बंद करने के लिए नहीं कहा है। पुरी ने अमेरिकी ऊर्जा सचिव जेनिफर ग्रानहोम के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के बाद कहा, “यदि आप अपनी नीति के बारे में स्पष्ट हैं, जिसका अर्थ है कि आप ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा की वहनीयता में विश्वास करते हैं, तो आप उन स्रोतों से ऊर्जा खरीदेंगे जहां से आपको सही कीमत पर ऊर्जा मिले।

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