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एक दलाल चुनना

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महुआ चुनने को लेकर हुई मारपीट,एक जख्मी

महुआ चुनने को लेकर हुई मारपीट,एक जख्मी

स्थानीय मुबारकपुर में महुआ चुनने को लेकर उठे विवाद में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के दौरान एक व्यक्ति जख्मी हो गया। घायल व्यक्ति ने मढ़ौरा थाने में एक केस दर्ज कराया है जिसमें अपने ही गांव के सात लोगों को अभियुक्त बनाया है। जख्मी प्रदीप कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि वे अपनी जमीन पर अवस्थित महुआ के एक पेड़ एक दलाल चुनना के नीचे महुआ चुन रहे थे। इस बीच उन्हीं एक दलाल चुनना के गांव के दशरथ भगत ,नंदकिशोर भगत ,जयकिशोर भगत ,मंटू कुमार ,पिंकी कुमारी ,आशा देवी और सुशील कुमार उनके पास आये व गाली गलौज करने लगे। जब वे इसका विरोध किये तो उक्त सभी लोग लाठी ,रॉड से उनकी पिटाई करने लगे। इस दौरान पिटाई से चिल्लाने की अवाज सुनकर उनका एक दलाल चुनना भाई कुंदन कुमार वहां उन्हें बचाने आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई।

कविता दलाल : भारत की पहली महिला रेसलर

हरियाणा की कविता दलाल डब्ल्यूडब्ल्यूई के रेसलिंग रिंग में जब सलवार कमीज पहनकर उतरीं तो उन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। न्यूजीलैंड एक दलाल चुनना की रेसलर डकोटा काई के ख़िलाफ़ उनकी पहली लड़ाई का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रही है।

कविता भारत एक दलाल चुनना की पहली महिला रेसलर हैं जो डब्ल्यूडब्ल्यूई में पहुंची हैं। यूट्यूब पर अपलोड किए गए उनके वीडियो को पांच दिनों में 35 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। अपनी ताकत का लोहा मनवाने वालीं कविता कभी इतनी कमज़ोर पड़ गई थीं कि उन्होंने आत्महत्या की भी कोशिश की थी। बीबीसी से बात करते हुए कविता ने बताया कि ‘यह एक दलाल चुनना वक्त तब आया था जब मेरा बच्चा आठ या नौ महीने का था। परिवार की तरफ़ से भी सपोर्ट नहीं मिल रहा था। एक समय आया जब मैंने खेल छोड़ने का फ़ैसला किया। मुझे जिंदगी भारी लगने लगी थी। मैं सांस नहीं ले पा रही थी।’

जब सूट-सलवार पहनकर लड़ी कविता

कविता बताती हैं कि, ‘आप सूट सलवार में भी रेसलिंग कर सकते हैं। ऐसी धारणा है कि डब्ल्यूडब्ल्यूई में एक ख़ास तरह के कपड़े पहनकर लड़ा जा सकता है। मैं इसे बदलना चाहती थी।’ कविता वेट एक दलाल चुनना लिफ्टिंग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं। वो डब्ल्यूडब्ल्यूई के पूर्व चैंपियन द ग्रेट खली से ट्रेनिंग लेती हैं।

रेसलिंग में कविता की शुरुआत

वेट लिफ्टिंग से रेसलिंग में आने का उनका सफर भी काफ़ी रोचक रहा है। उन्होंने बताया कि ‘रेसलिंग में आने की योजना नहीं थी। एक बार मैं द ग्रेट खली के कोचिंग सेंटर में फ़ाइट देखने गई थी। एक पुरुष रेसलर ने फ़ाइट जीतने के बाद पूरी भीड़ को ललकारा।’

कविता आगे कहती हैं, ‘उसकी आवाज़ में घमंड था। उस समय मैं सूट सलवार में थी। मैं अपने परिवार के साथ थी। मैंने अपना हाथ उठा दिया। मैं रेसलिंग रिंग में गई और जोश में उसे पटकनी दे दी। खली सर को यह बात अच्छी लगी और उन्होंने मुझे ट्रेनिंग लेने को कहा। वहीं से मैं रेसलिंग करने लगी।’

कविता अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई संजय दलाल को देते हुए कहती हैं, ‘मेरे करियर की शुरुआत साल 2002 में फरीदाबाद से हुई। मेरे बड़े भाई संजय दलाल मुझे कई जगहों पर ट्रेनिंग दिलाई। फरीदाबाद के बाद बरेली, लखनऊ तक गई। वहां वेट लिफ्टिंग की ट्रेनिंग ली। साल 2007 में पहली बार नेशनल चैंपियनशिप ओडिशा में जीती। वो हमेशा मेरे साथ रहे।’

मोरीनारी वतनबे फिर से FIG के अध्यक्ष चुने गए

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मोरीनारी वतनबे (Morinari Watanabe) को तीन साल की अवधि के लिए अंतर्राष्ट्रीय जिमनास्टिक्स फेडरेशन या फेडरेशन इंटरनेशनेल डी जिमनास्टिक (Fédération Internationale de Gymnastique – FIG) के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया। एक दलाल चुनना तुर्की में एक सम्मेलन के दौरान आयोजित FIG राष्ट्रपति चुनाव में मोरिनारी वतनबे ने अज़रबैजान (Azerbaijan’s) के दावेदार फरीद गेबोव (Farid Gayibov) को हराया। इससे पहले, उन्हें 2016 में 4 साल के कार्यकाल के लिए FIG के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।

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अधिकतम अंक: 5
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