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बिटकॉइन की खोज

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तो क्या बिटकॉइन बन सकता है ज़ीरो-एमिशन नेटवर्क?

तो क्या बिटकॉइन बन सकता है ज़ीरो-एमिशन नेटवर्क?

परोपकारी डैनियल बैटन ने अपनी एक बिटकॉइन (BTC) माइनिंग रिपोर्ट में दावा किया है कि बिटकॉइन एक शून्य-उत्सर्जन नेटवर्क (Bitcoin zero-emission network) बन सकता है.

Cointelegraph की जानकारी के आधार पर, रिपोर्ट बीटीसी के समग्र कार्बन पदचिह्न पर कार्बन-नकारात्मक ऊर्जा स्रोतों के प्रभाव पर एक विचार प्राप्त करने के लिए बिटकॉइन माइनिंग काउंसिल के डेटा पर आधारित है. परिणामों की जांच के बाद, यह उम्मीद की जाती है कि संपूर्ण बिटकॉइन नेटवर्क एक शून्य उत्सर्जन नेटवर्क बन जाएगा. कथित तौर पर, कार्बन-नकारात्मक नेटवर्क तकनीक का मतलब वातावरण में रिलीज होने के बजाय, बीटीसी को मीथेन गैस का दहन करना है. अध्ययन के तहत यह पाया गया है कि यह प्रक्रिया नेटवर्क के उत्सर्जन को 63% तक कम कर देती है.

कॉइनटेलीग्राफ के अनुसार, अध्ययन अलग-अलग भड़कीले गैस बीटीसी खनिकों के डेटा का उपयोग करता है, जिसमें कोलोराडो में Crusoe energy, व्योमिंग में Jai energy और ब्राजील में Arthur mining शामिल हैं. अध्ययन स्लोवाकिया जैसे जानवरों के कचरे से अपशिष्ट गैसों का उपयोग करने वाले खनिकों पर भी ध्यान केंद्रित करता है, यह दिखाने के लिए कि मीथेन गैसों के उत्सर्जन को रोकने के लिए बिटकॉइन खनन पर्यावरण पर प्रभाव डाल सकता है.

इसके अलावा, कॉइनटेलीग्राफ ने उल्लेख किया कि जब केंद्रीय बैंकर और मीडिया बिटकॉइन की ऊर्जा गहन खनन प्रक्रिया के बारे में बहस करना जारी रखते हैं, तो यह अनुमान लगाया जाता है कि खनन उत्सर्जन में कटौती करने में मदद कर बिटकॉइन की खोज बिटकॉइन की खोज बिटकॉइन की खोज सकता है. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, मीथेन उत्सर्जन को कम करने से अगले 25 वर्षों में जलवायु परिवर्तन को धीमा करने में मदद मिल सकती है. गैस की चमक या जानवरों के अपशिष्ट बायोगैस उत्सर्जन को हटाकर, वैश्विक स्तर पर बिटकॉइन खनिक शून्य उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं.

उत्तरी आयरिश किसान ओवेन, जिन्होंने बिटकॉइन माइनिंग का परीक्षण शुरू किया, ने एक आयरिश कंपनी Scilling Digital Mining के साथ भागीदारी की, जो बिटकॉइन माइनिंग के लिए उपयोग करने के लिए अक्षय ऊर्जा (renewable energy) की तलाश करती है.

स्किलिंग बिटकॉइन की खोज के मैनेजिंग डायरेक्टर मार्क मॉर्टन ने कहा, "डैनियल [बैटन] ने बिटकॉइन माइनिंग की मीथेन कैप्चर क्षमता का प्रदर्शन करते हुए काम किया है. इन ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए प्रशंसा अभी शुरुआत है, और आयरलैंड के किसान इस तकनीक को अपनाने वाले अगले हो सकते हैं."

आज के इस दौर में, क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के लिए एक विशेष GPU या एक Application-Specific Integrated Circuit (ASIC) माइनर की आवश्यकता होती है. इसके अलावा, माइनिंग रिग में GPU को हर समय एक विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा जाना चाहिए. प्रत्येक क्रिप्टो माइनर को एक ऑनलाइन क्रिप्टो माइनिंग पूल का भी सदस्य होना आवश्यक है.

Explained: क्यों नाइजीरिया जैसा गरीब देश बिटकॉइन में दुनिया में लीडर है?

बिटकॉइन में गिरावट जारी

बिटकॉइन समेत सभी तरह की क्रिप्टोकरेंसी (bitcoin cryptocurrency) पर अर्थशास्त्री अपना डर जता रहे हैं. उनका मानना है कि क . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : March 01, 2021, 18:13 IST

बिटकॉइन का नाम आजकल आए-दिन चर्चा में रहता है. इन्वेस्टमेंट की दुनिया में काफी चर्चित बिटकॉइन के बारे में सबसे दिलचस्प बात ये है कि नाइजीरिया जैसा आर्थिक तौर पर बदहाल देश इस मामले में सबसे आगे है. वहां पर निवेश के दूसरे पारंपरिक तरीकों की बजाए इसी पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया जा रहा है, जबकि दुनिया के कई देश अपने यहां बिटकॉइन पर पाबंदी लगाने की कोशिश में हैं.

नाइजीरिया से बिटकॉइन का संबंध समझने से पहले एक बार ये जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर ये है क्या. बिटकॉइन एक तरह की क्रिप्टोकरंसी है. यानी वो पैसे जो गुप्त हों. यानी ये पैसे एक तरह की डिजिटल करेंसी हैं, जो क्रिप्टोग्राफी की मदद से बनते हैं. यहां क्रिप्टोग्राफी का मतलब है कोडिंग को सुलझाने की कला.

बिटकॉइन एक तरह की डिजिटल मनी है, जिसकी खोज साल 2009 में सतोषी नाकामोटो नाम के किसी शख्स ने की थी. हालांकि आविष्कारकर्ता के नाम पर कई विवाद हैं. कई लोग इसे जापान का नहीं मानते हैं, बल्कि मानते हैं कि पहचान छिपाकर किसी ने ये काम किया. जो भी हो, साल 2009 में क्रिप्टोकरेंसी के आने के बाद से इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई.

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नाइजीरिया में क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा तेजी से बढ़ा- सांकेतिक फोटो (pixabay)

अगर किसी के पास क्रिप्टोकरेंसी है जो उसके पास पैसे हैं, भले ही वो दिख न रहे हों. इससे ऑनलाइन खरीददारी भी होती है और निवेश की तरह भी रखा जाता है. यहां तक कि ये ई-वॉलेट में भी होते हैं, जो ट्रांसफर भी हो सकते हैं.

नाइजीरिया में क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा तेजी से बढ़ा. साल 2020 में हुआ एक सर्वे बताता है कि लगभग 32% नाइजीरियन क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करते हैं. ये आबादी के लिहाज से किसी भी देश से कहीं ज्यादा है. दुनिया के 10 टॉप देश, जो बिटकॉइन पर यकीन करते हैं, उनमें अमेरिका और रूस के बाद तीसरा नंबर नाइजीरिया का है.

वैसे ये जानने की बात बिटकॉइन की खोज है कि नाइजीरिया आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है. पिछले पांच सालों में इस देश ने दूसरी मंदी देखी. सेंट्रल बैंक ऑफ नाइजीरिया ने साल 2020 में वहां की मुद्रा नाइरा की कीमत 24 प्रतिशत घटने का एलान किया. अब डर बताया जा रहा है कि मुद्रा का और अवमूल्यन हो सकता है. इस बीच खाने-पीने के सामान की कीमत तेजी से बढ़ी.

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मंदी के दौर में पैसों की वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी लुभा रही है (Photo- news18 via Reuters)

हालांकि इसी मंदी के दौर में पैसों की वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी लुभा रही है. इस डिजिटल करेंसी पर पैसे लगाने से पैसे तेजी से बढ़ते दिखते हैं. बिटकॉइन के रिटर्न असाधारण हैं और इसमें पैसे लगाने पर कम समय में रिटर्न दिख जाता है. यही कारण है कि आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहे नाइजीरियन कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी की ओर आकर्षित हुए. कुछ लोगों के लिए ये एक देश से बैंक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के दौरान चार्जेस कम करने का तरीका है.

हालांकि बिटकॉइन समेत सभी तरह की क्रिप्टोकरेंसी पर अर्थशास्त्री अपना डर जता रहे हैं. उनका मानना है कि जैसे इसमें निवेश पर तेजी से पैसे बढ़ते दिखते हैं, वैसे ही किसी रोज गुब्बारा फूट भी सकता है. तब वो आर्थिक बदहाली आएगी, जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता. इसमें कई तकनीकी दिक्कतें हैं, जिसके कारण देशों के बैंक इसे चाहकर भी रेगुलेट नहीं कर पा रहे.

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बिटकॉइन समेत सभी तरह की क्रिप्टोकरेंसी पर अर्थशास्त्री अपना डर जता रहे हैं (Photo- news18 via AFP)

नाइजीरिया में इसी साल क्रिप्टोकरेंसी पर बैन की बात हो रही है ताकि आने वाले समय में देश किसी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा रह सके. हालांकि कई देश ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपने यहां इसे रेगुलेट कर रहे हैं ताकि ये बने भी रहें और साफ-सुथरा निवेश रहे. इनमें अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश शामिल हैं.

कुछ समय पहले ही भारत में क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने की बात हुई और ये भी कहा गया कि विकल्प के तौर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपनी डिजिटल करेंसी ला सकता है. हालांकि इसकी प्रोग्रेस कहां तक हुई, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है. इधर बिटकॉइन को बैन करने की भनक मिलते ही भारत में कई बड़े कारोबारी इसे रोकने की मुहिम चला रहे हैं. इसे #IndiaWantsBitcoin नाम दिया गया है. कारोबारियों और निवेशकों का मानना है कि सरकार को सभी पक्षों से बात करके कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए.

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Cryptocurrency क्या है? जानिए इसके 5 सीक्रेट

“Cryptocurrency क्या है?” का उत्तर संक्षिप्त में दे; तो कह सकते हैं. कि Cryptocurrency एक आभासी मुद्रा (Virtual Currency) है. यह एक डिजिटल कैश (Digital Money) प्रणाली है, जो कम्प्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है.यह फिजिकल रूप में नहीं होती है।

Cryptocurrency क्या है?

Cryptocurrency भी अन्य currency (जैसे रुपया, डॉलर, यूरो) तरह एक करेंसी ही होती हैं। इसे Digital Money का नाम भी दिया गया है।

भौतिक (फिजिकल) रूप से मतलब ” किसी खास मुद्रा (जैसे रूपया) के छपे नोटों से, तथा सिक्कों से है। उदाहरण के लिए, 100 रुपये का नोट, 5 रुपये का सिक्का आदि भौतिक मुद्रा या Physical currency हैं.इस पर किसी एक व्यक्ति या ग्रुप का नियंत्रण नहीं होता है

क्रिप्टोकरेंसी शब्द के बारे में

यह जानने के लिए कि “Cryptocurrency क्या है?” इसके इतिहास को जानना चाहिए। Cryptocurrency, यह शब्द क्रिप्टोग्राफ़ी (Cryptography) से जुड़ा हुआ है. क्रिप्टोग्राफ़ी की शुरुआत सन 1983 में एक अमेरिकन क्रिप्टोग्राफर David Chaum के साथ हुई थी.

क्रिप्टोग्राफ़ी एक अध्ययन का ऐसा क्षेत्र होता है; जिसमे इनफार्मेशन को सुरक्षित करने के बारे में अध्ययन किया जाता है. ताकि कोई तीसरा व्यक्ति किसी सूचना को न पढ़ सके।

हालांकि, Cryptocurrency शब्द का चलन मुख्य धारा में Bitcoin की खोज के साथ हुआ. बिटकॉइन, की खोज एक Satoshi Nakamoto नाम के डेवलपर ने की थी. बिटकॉइन की खोज जनवरी 2009 में की गयी थी।

क्रिप्टोकरेंसी का इतिहास

वर्ष 1983 में, एक अमेरिकी क्रिप्टोग्राफर ने वर्चुअल मनी के बारे परिकल्पना बिटकॉइन की खोज की; जिसे eCash का नाम दिया। बाद में 1995 में, इसे डिजीकैश का नाम दिया गया.

1996 में, नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने हाउ टू मेक टू मिंट: एनक्रिप्टेड इलेक्ट्रॉनिक कैश की क्रिप्टोग्राफ़ी का एक पेपर प्रकाशित किया, जिसमें एक क्रिप्टोक्यूरेंसी प्रणाली का वर्णन किया गया।

पहली Decentriliced Cryptocurrency का विकास Bitcoin के रूप में 2009 में हुआ. Bitcoin की खोज एक Satoshi Nakamoto नाम के डेवलपर ने की थी. हालांकि डेवलपर के नाम के अलावा और अधिक जानकारी नहीं प्राप्त हो सकी.

बिटकॉइन मुख्य रूप से Blockchain पर आधारित होता है. “Blockchain” एक क्रिप्टोग्राफ़ी के माध्यम से सुरक्षित किया गया Ledger होता है. इसमें बिटकॉइन के सभी लेन देन को सुरक्षित रखा जाता है। ब्लॉकचैन में बिटकॉइन के प्रथम धारक से लेकर अंतिम धारक तक का डेटा सुरक्षित होता है. यह encrpt फॉर्म में होता है. बिटकॉइन के किसी ट्रांजेक्शन को Blockchain Explorer के माध्यम से वेरीफाई भी किया जा सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है?

क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल वॉलेट में रखी जाती है; जिसको इंटरनेट के माध्यम से एक्सेस किया जाता है. यह साधारण मुद्रा जैसे रुपया, डॉलर आदि से अलग होती है. चूंकि इसका कोई सेन्ट्रल एडमिनिस्ट्रेशन पॉइन्ट नहीं होता है.

ब्लॉकचैन के बिटकॉइन की खोज माध्यम से इसके लेन देन का रिकार्ड रखा जाता है. Blockchain एक ledger के रूप में कार्य करती है. कुछ छोटे छोटे ट्रांजेक्शन से मिलकर एक ब्लॉक बनता है. ये ब्लॉक आपस में जुड़े होते हैं. इसी लिए इसे ब्लॉक चैन कहा जाता है।

बिना किसी सेंट्रल बैंक या सेंट्रल administraation के यह काम करती है. इसका डाटा अलग अलग कम्प्यूटर्स पर होता है. बिटकॉइन के P2P नेटवर्क के जरिये के यूजर दूसरे यूजर तक क्रिप्टोकरेंसी भेज सकता है।

यदि क्रिप्टोकरेंसी में कोई लेन देन किया जाता है. तो यह जानकारी blockchain पर दर्ज हो जाती है. किसी ट्रांजेक्शन की वैलिडिटी चेक करने का काम Miner करता है. इस प्रक्रिया को Mining कहते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कैसे?

Cryptocurrency Exchange या मार्केट, एक ऐसा स्थान होता है. जहां पर कोई व्यक्ति क्रिप्टो करेंसी को खरीद व् बेच सकता है। क्रिप्टो एक्सचेंज अलग अलग क्रिप्टो जैसे Bitcoin, Ethereum, Binance coin, Solana, Doge coin आदि को रखने तथा ट्रेडिंग की सुविधा देते हैं.

इन एक्सचेंज के माध्यम से staking भी की जाती है. कुछ बिटकॉइन की खोज समय से क्रिप्टो future Contract ट्रेडिंग भी होने लगी है.

स्टैकिंग एक प्रक्रिया होती है जिसमे यूजर अपनी क्रिप्टो एसेट कुछ पहले से निश्चित समय के लिए एक्सचेंज के पास रखते हैं, जिसके बदले यूजर को कुछ ब्याज दिया जाता है।

टॉप 10 क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज (Top 10 Cryptocurrency Exchange)

क्रिप्टोकरेंसी के प्रयोग (Use)

  • बहुत से लोग इसका उपयोग केवल निवेश के तरीके के रूप में करते हैं।
  • ऐसा माना जाता है, कुछ गलत लोग इसका प्रयोग टेरर फंडिंग में करते हैं।
  • कुछ Metaverse वेबसाइट इन Crypto Token को अपने मेटावर्स में Virtual Land, Non fungible Token (NFT) खरीदने के लिए करते हैं। जैसे की Decetraland में Mana टोकन का प्रयोग होता है।
  • Sandbox गेम में भी Sand नाम के टोकन का प्रयोग गेम मेटावर्स में Virtual चीजे खरीदने में होता है।

बिटकॉइन (Bitcoin)

बिटकॉइन को सबसे पहली क्रिप्टोकरेंसी कहा जाता है. आज सबसे ज्यादा कीमत की यदि कोई क्रिप्टोकरेंसी है, तो वह बिटकॉइन ही है. बिटकॉइन की कीमत 50,000 अमेरिकी डॉलर तक जा चुकी है. बिटकॉइन को प्राइमरी क्रिप्टोकरेंसी भी माना जाता है.

ऑल्टकॉइन (Altcoin)

जैसा की ऊपर बताया जा चूका है की बिटकॉइन को प्राइमरी क्रिप्टोकरेंसी कहा जाता है. इसी रेफरेन्स से बिटकॉइन के आलावा अन्य सभी क्रिप्टोकरेंसी को ऑल्टकॉइन (Altcoin) कहा जाता है.

मार्केट केपेटलाइजेसन के हिसाब से बिनान्स कॉइन (Binance Coin), टीथर (Tether), सोलाना (Solana), यु एस डी कॉइन (USDC), कार्डेनो (Cardano), रिपल (XRP), पोल्काडॉट (PolkaDot), डोजकॉइन (Dogecoin), एवेलांचे (Avalanche), लाइटकॉइन (Litecoin) आदि ऑल्टकॉइन (Altcoin) के उदाहरण हैं.

Cryptocurrency के फायदे

  • क्रिप्टोकरेंसी को अब तक सबसे सुरक्षित माना गया है.
  • इसे किसी अन्य व्यक्ति के पास भेजने में बहुत ही कम फीस लगती है. अपेक्षाकृत पुराने माध्यम के।
  • यदि इसे साक्षी तरीके से रखा जाये तो इसे कोई चोरी नहीं कर सकता।
  • एक संस्था या व्यक्ति का नियंत्रण नहीं होने के कारण, बाजार में अधिक नहीं आ सकती इसलिए मॅहगाई से लड़ सकती है।

Cryptocurrency की कमियां

  • किसी व्यक्ति के पास अगर क्रिप्टोकरेंसी भेजते समय Crypto Wallet का एड्रेस सही नहीं भरा जाये, तो यह आपके वॉलेट से कट जाएगी और उस व्यक्ति को नहीं मिलेगी।
  • यदि किसी वॉलेट की आई दी खो जाये, तो उसे दोबारा पाना बहुत मुश्किल होता है.
  • इसका लेन देन केवल इंटरनेट के माध्यम से ही किया जा सकता है, इसलिए हर कोई लेन देन नहीं कर सकता।
  • इसकी कोई फिक्स्ड कीमत नहीं होती, उतार चढाव अधिक होने के कारण नुकसान भी हो सकता है।

निष्कर्ष

ये क्रिप्टोकरेंसी एक बहुत ही कम की चीज है. यदि इसको सही तरीके से प्रयोग किया जाये, तो यह बहुत ही अच्छी है. अंत में, हम सक्षेप में दोबारा याद करते हैं.

क्रिप्टोकरेंसी एक Digital Currency होती है, जो ब्लॉकचैन पर काम करती है. यह एक Digital Wallet में स्टोर की जाती है.

Cryptocurrency: एक हफ्ते में बिटकॉइन की कीमत में 30% की गिरावट, रूस-यूक्रेन युद्ध से मार्केट पर दवाब

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aajtak.in

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  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2022,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

बिटकॉइन दुनिया की सबसे पहली विकेंद्रीकृत क्रिप्टोकरेंसी या कहें कि डिजिटल कॉइन है. इसे विकेंद्रीकृत क्रिप्टोकरेंसी इसलिए कहा जाता है क्योंकि दुनिया की कोई भी फाइनेंशियल रेग्युलेटरी अथॉरिटी इस पर नियंत्रण नहीं रखती है. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन अब धीरे-धीरे टूटती हुई नजर आ रही है. निवेशकों के बीच तेजी से पॉपुलर हो रही क्रिप्टोकरेंसी में अब मार्किट पर दवाब के चलते गिरावट देखने को मिल रही है. इस वीडियो में देखें और समझें कि पिछले 6 महीने से क्यों बिटकॉइन की कीमत में गिरावट आने लगी है.

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