ट्रेंडिंग शेयर

ट्रेडिंग और निवेश

ट्रेडिंग और निवेश
– अपने ट्रेडिंग अकाउंट को हैकिंग के खतरे से बचाने के लिए नियमित रूप से पासवर्ड बदलते रहे और आपको अपने ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए दोहरे प्रमाणीकरण पर जोर देना चाहिए.

अगर आप नौसीखिए हैं तो जानिए शेयरों में ट्रेडिंग कैसे शुरू करें? | How to Start Online Trading in Hindi

How to Start your Trading Journey: अगर आप भी एक नौसीखिए है और शेयर मार्केट की दुनिया में ट्रेडिंग करना चाहते है तो यहां कुछ पॉइंट्स दिए गए है, जो आपको यह समझाने में मदद करेंगे कि शेयरों में ट्रेडिंग कैसे शुरू करें? (How to Start Online Trading in Hindi)

How to do Share Trading: मिलेनियल्स शेयर बाजार में ट्रेडिंग और निवेश की ओर रुचि बढ़ा रहे ट्रेडिंग और निवेश हैं। यह युवा लोगों के बीच भी अधिक लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि बाजार में निवेश करने से पहले किसी को इस बारे में संक्षिप्त जानकारी होनी चाहिए कि बाजार में चीजें कैसे काम करती हैं। शेयर मार्केट एक बहुत ही जटिल संरचना है। लेकिन ज्ञान के द्वारा एक जटिल संरचना को भी सरल बनाया जा सकता है। यहां कुछ पॉइंट दिए गए हैं जो आपके ट्रेडिंग यात्रा शुरू करने में मदद कर सकते हैं। तो आइए जानते है कि शेयरों में ट्रेडिंग कैसे शुरू करें? (How to Start Online Trading in Hindi)

मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है?

भारतीय, रीति-रिवाजों को महत्व देते हैं और वे चीजों को सही मुहूर्त में करना ही पसन्द करते हैं। मुहूर्त वह शुभ समय होता है जिसमें कोई भी व्यक्ति या उद्यम (इंटरप्राइजेज) अपने किसी काम को करने या शुरू करने के लिये अच्छा मानते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान (शुभ मुहूर्त ट्रेडिंग और निवेश में) जब कोई काम किया जाता है, तो वह बिना किसी बाधा के पूरा होता है। ऐसा ही एक शुभ मुहूर्त दिवाली पर आता है।

इस छुट्टी पर, भारतीय स्टॉक एक्सचेंज एक घंटे के ट्रेडिंग सेशन के लिए खुलता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहते हैं। हर साल, स्टॉक एक्सचेंज इस ट्रेडिंग सेशन के लिये दिन और समय को परिभाषित करता है। ऐसा माना जाता है कि इस एक घंटे के दौरान स्टॉक खरीदना और बेचना धन की देवी, देवी लक्ष्मी जी का आशीर्वाद लेकर आता है।

इसलिए कई लोग इस दिन इक्विटी खरीदते हैं। कुछ लोग उन्हें लंबे समय के लिए भी रखते हैं और उन्हें अपनी पीढ़ियों को गिफ्ट के रूप में देते हैं।

इसके पीछे का इतिहास क्या है?

भारतीय एक्सचेंज पर मुहूर्त ट्रेडिंग का चलन आधी सदी से भी अधिक समय से किया जा रहा है। यह पहली बार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) द्वारा 1957 में आयोजित किया गया था। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इस विरासत को जारी रखते हुए 1992 में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत की।

इन्वेस्टर समुदाय के लिए, यह सेशन नए साल का प्रतीक है। इस दिन स्टॉकब्रोकर पुराने लेज़र को बंद कर देते हैं और नए लेज़र पर काम करना शुरू कर देते हैं। इस पारंपरिक (ट्रेडिशनल) ट्रेडिंग सेशन से पहले, स्टॉक ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज में ‘चोपरा पूजा’ यानी बही-खाते (अकाउंट बुक) की पूजा करते हैं।

मनोरंजक तथ्य

इस ट्रेड सेशन के साथ कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इन मे से एक हैं कि सबसे पहले मारवाड़ी इन्वेस्टर्स इस मुहूर्त के दौरान स्टॉक बेचते थे क्योंकि उनका मानना ​​था कि इस दिन पैसा घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए। दूसरी ओर, गुजराती इन्वेस्टर्स ने इस सेशन के दौरान शेयरों (स्टॉक्स) में खरीदारी की। लेकिन इसका समर्थन करने के लिए कोई डेटा उपलब्ध नहीं है और यह आज के समय में सच नहीं है।

इस सेशन के दौरान कौन-कौन इन्वेस्ट कर सकता है?

इस सेशन के दौरान कोई भी इन्वेस्टर या ट्रेडर इन्वेस्ट कर सकता है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह शुभ मुहूर्त है, आपको आँख बंद ट्रेडिंग और निवेश करके इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए। सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने के बाद रिसर्च करें और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही अच्छे स्टॉक्स में इन्वेस्ट करें अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इस ट्रेडिंग सेशन को निम्नलिखित 5 घटकों में बांटा गया है:

ब्लॉक डील सेशन:ट्रेडिंग और निवेश इस दौरान, दो पार्टी पहले से तय किये मूल्य पर स्टॉक्स खरीदने या बेचने का निर्णय लेते हैं और इसकी सूचना स्टॉक एक्सचेंज को देते हैं।

प्री-ओपन सेशन: इस दौरान, एक्सचेंज मार्केट खुलने से पहले (आमतौर पर लगभग 8 मिनट पहले) संतुलन मूल्य निर्धारित करते हैं।

सामान्य मार्केट अवधि: यह एक घंटे का सेशन होता है जिसमें ज्यादातर ट्रेडिंग होती है।

इस तरह से करें ट्रेडिंग, नहीं होगा कोई नुकसान

  • Money9 Hindi
  • Updated On - July 7, 2021 / 01:26 PM IST

इस तरह से करें ट्रेडिंग, नहीं होगा कोई नुकसान

कैपिटल मार्केट में ट्रेडिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग (Online Trading) आसान तरीका है. ऑनलाइन ट्रेडिंग के बहुत फायदे है, लेकिन इसमें आपकी जिम्मेदारी भी बढ जाती है, क्योंकि छोटी सी गलती या लापरवाही आपको काफी नुकसान पहुंचा सकती है. चूंकि ऑनलाइन ट्रेडिंग एक क्लिक पर संभव है, इसलिए निवेश करना इतना आसान होता है कि लोग अक्सर निवेश के पहलू और इसमें शामिल जोखिमों को भूल जाते हैं. ऑनलाइन ट्रेडिंग करते वक्त कुछ बातें ध्यान में रखने से आपको सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने में और सभी संभावित जोखिमों के खिलाफ खुद को तैयार और शिक्षित करने ट्रेडिंग और निवेश में मदद मिलेगी.

यहां बनाएं दूरी

– केवल आपको ही अपना ट्रेडिंग खाता संचालित करना चाहिए. अपना पासवर्ड या सुरक्षा कोड किसी और के साथ साझा न करें. अपने परिवार के सदस्यों को भी अपने ट्रेडिंग खाते तक पहुंचने और अपनी ओर से ट्रेडों को निष्पादित करने देने से बचें.

– पासवर्ड ऐसा ना हो जो किसी को भी आसानी से पता चल सके. जैसे आपका नाम, जन्मतिथि और शादी की सालगिरह का पासवर्ड में यूज ना करे. सुरक्षा के स्तर को जोड़ने के लिए अपरकेस, लोअरकेस, अक्षर, संख्या और विशेष वर्णों को शामिल करके अपने पासवर्ड को जटिल बनाने का प्रयास करें.

– इंटरनेट ट्रेडिंग ट्रेडिंग और निवेश हो या ऐप-आधारित ट्रेडिंग, कभी भी अपने ट्रेडिंग खाते को सार्वजनिक स्थान से एक्सेस न करें. साइबर ट्रेडिंग और निवेश कैफे या असुरक्षित सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करना खतरे से खाली नहीं होगा. इन स्पॉट्स को आसानी से हैक किया जा सकता है.

– कॉन्ट्रैक्ट नोट्स, लेजर, प्रॉफिट स्टेटमेंट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट जैसे प्रमुख दस्तावेजों का ऑफलाइन रिकॉर्ड रखना न भूलें. ये किसी भी विवाद या कानूनी प्रश्नों के मामले में उपयोगी हो सकते है.

Diwali Muhurat Trading 2021: जानिए क्‍या होती है 'मुहूर्त ट्रेडिंग', इस दिवाली कब है निवेश करने का ये शुभ समय

PC- Pixabay

दिवाली का दिन शेयर बाजार के लिए बेहद खास होता है। वैसे तो इस दिन मार्केट बंद रहता है, उसके बावजूद भी एक घंटे के लिए 'मुहूर्त ट्रेडिंग' का आयोजन किया जाता है। इस एक घंटे में निवेशक अपना छोटा निवेश करके बाजार की परंपरा को निभाते हैं। अगर आप पैसे कमाने या निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं तो आप इस दिन पैसे लगा सकते हैं। यह दिन ट्रेडिंग के लिए ट्रेडिंग और निवेश काफी शुभ माना जाता है। आइए 'मुहूर्त ट्रेडिंग' के बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

क्‍या होती है 'मुहूर्त ट्रेडिंग'?

दिवाली के साथ नए साल की शुरुआत भी होती है। इस बार दिवाली के साथ संवत् 2077 शुरू होने जा रहा है। भारतीय परंपरा के अनुसार देश के कई हिस्सों में दिवाली के साथ ही नए वित्त वर्ष की शुरुआत भी होती है। इस शुभ मुहूर्त पर शेयर बाजार के कारोबारी स्पेशल शेयर ट्रेडिंग करते हैं। इसलिए इसे मुहूर्त ट्रेडिंग भी कहा जाता है। मुहूर्त ट्रेडिंग से धन और समृद्धि आती है। BSE के ऊपर इसकी प्रैक्टिस 1957 और NSE पर 1992 में शुरू हुई थी।

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शेयर बाजार में निवेश को शुभ माना जाता है। इस एक घंटे के मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान ज्यादातर निवेशक शेयर खरीदते हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हर साल मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए एक खास समय तय होता है। निवेशक इस शुभ मौके पर वैल्यू बेस्ड स्टॉक खरीदते हैं।

Intraday Trading कैसे करें ?

Intraday Trading करने के लिए आपको सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर के 3.30 बजे तक शेयर बाज़ार पर अधिक से अधिक समय बिताना होगा। आप जितना अधिक ट्रेडिंग और निवेश समय उस पर बिताएंगे उतनी ही सावधानी से ट्रेडिंग कर पाएंगे और एक ही दिन के शेयरों की खरीद- बिक्री में अधिक से अधिक लाभ कमा पाएंगे। यहाँ पर इंट्राडे ट्रेडिंग में यह बात तय है कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। अतः तय समय सीमा के भीतर आप शेयर मार्केट पर पैनी नज़र रखते हुए शेयरों के दाम बढ़ते ही ट्रेडिंग और निवेश ट्रेडिंग और निवेश बेच देने पर लाभ कमा सकते हैं। यदि आपने अपने खरीदे हुए शेयरों की बढ़ोतरी को किसी कारणवश नोटिस नहीं किया तो हो सकता है कि फिर उस दिन 3.30 बजे तक आपके शेयरों के दाम ऊपर ही ना आएं और आपको हानि हो जाए। अतः इंट्राडे ट्रेडिंग में लाभ कमाने के लिए शेयर मार्केट की गतिविधियों पर नज़र रखते हुए आपको अधिक से अधिक समय शेयर बाज़ार को देना होगा। परन्तु यह बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है कि आप सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर के 3.30 बजे तक का पूरा समय शेयर मार्केट पर बिताएं तो आपको निश्चित ही लाभ होगा। कभी- कभी किसी कारणवश ऐसा भी हो सकता है कि आपके द्वारा खरीदे गए शेयरों के दाम उस दिन एक बार भी ना बढ़े और घटते ही रहें या ट्रेडिंग और निवेश लगभग स्थिर रहें। ऐसी स्थिति आने पर आपको उस दिन इंट्राडे ट्रेडिंग में हानि होना निश्चित है।

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