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ETFs के प्रकार

ETFs के प्रकार

ETF kya hai? ETF kaise kharide. सब कुछ समझे।

अगर आप स्टॉक मार्किट मार्किट में एक नए निवेशक है, या आप अभी-अभी अपने सफर की शुरुवात कर रहे है, शेयर बाजार में तो, शायद आपको ETF क्या होता है? आपको नहीं मालूम होगा। इस पोस्ट में हमलोग ETF kya hai? इसको कैसे ख़रीदे और ETF का फुल-फॉर्म क्या है? इन सभी को जानेंगे।

सबसे पहले हमलोग ये जान लेते है की, ETF का फुल-फॉर्म क्या होता है? ETF full-form Exchange-Traded Fund होता है. आपको मैं बता दूँ की, ETF कोई शेयर नहीं है, जो इसका ETF Share price होगा। लेकिन इसका कीमत जरूर होता है. अब हमलोग ये जानते है की, ETF क्या होता है?

ETF क्या है?

सीधे शब्दों में समझाऊ तो, ETF भी म्यूच्यूअल फण्ड की तरह होता है. लेकिन ETF किसी एक इंडेक्स, एसेट, कमोडिटी या किसी दूसरे सिक्योरिटी को ट्रैक करता है, और उसमे निवेश करता है. ETF एक pooled investment है, जो बहुत हद तक म्यूच्यूअल फण्ड की तरह काम करता है. इसको आप किसी रेगुलेटेड स्टॉक एक्सचेंज पर खरीद और बेच सकते है.

जैसे म्यूच्यूअल फण्ड का यूनिट आप खरीद सकते है, वैसे ही आप ETF का भी यूनिट खरीद सकते है. ETF price भी मार्किट मूवमेंट के अनुसार बढ़ता-घटता रहता है.

ETF के प्रकार।

जैसे की हम ये जान चुके है की, ETF किसी एक प्रकार के इंडेक्स को ट्रैक करता है. इसी आधार पर ेट्फ़्के कई प्रकार हो सकते है. उनमे से कुछ को निचे लिस्ट किया है-

  • पैसिव और एक्टिव ETFs
  • बांड ETF
  • स्टॉक ETF
  • कमोडिटी ETF
  • Industry/sector ETF
  • करेंसी ETF

ETF कैसे ख़रीदे?

आप ETF को किसी भी ब्रोकर के माध्यम से खरीद सकते है, जैसे की, Zerodha(Coin). यहाँ जैसे आप शेयर ख़रीद सकते ठीक वैसे ही, ETF खरीद सकते है. ETF को सबसे पहले NFO के तौर पर लाया जाता है, फिर उसे शेयर बाजार में लिस्ट किया जाता है. ETF किसी AMC(एसेट मैनेजमेंट कंपनी) का प्रोडक्ट होता है.

ETF खरीदने के लिए सबसे पहले आपको अपने ब्रोकर अकाउंट में पैसे डालने होंगे। उसके आप जैसे म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है, वैसे ही इसको भी खरीद सकते है. इसमें निवेश करने के लिए आपके पास एक डीमैट खाता होना ETFs के प्रकार जरुरी है. ETF खरीदना कोई बड़ी बात नहीं है. सही ETF चुनना जरुरी होता है.

ETF में निवेश कैसे करे?

अभी के समय में बहुत सारे प्लेटफार्म उपलब्ध है, जहां से आप ETFs में निवेश कर सकते है. लेकिन निवेश करने से भी ज्यादा जरुरी होता है, सही ETF खोजना। यहाँ निवेश करने के लिए आप निचे दिए स्टेप्स को फॉलो कर सकते है.

  • सबसे पहले आप के प्लेटफार्म ढूढ़े जिसकी मदद से आप निवेश करेंगे, इसके लिए आप Zerodha का इस्तेमाल कर सकते है. यहाँ पर आप कमीशन मुक्त निवेश कर सकते है.
  • प्लेटफार्म खोजने के बाद सबसे जरुरी काम है, ETF रिसर्च करना। आज के समय में बहुत सारे ETF है, निवेश करने के लिए. ETF कोई एक स्टॉक या कोई दूसरा सिक्योरिटी नहीं होता है. इसलिए आपको ETF किस इंडस्ट्री/सेक्टर पर ध्यान दे रहा है, उसे समझना आपके लिए जरुरी है. किसी भी ETF को चुनने से पहले आपको 3 सवाल जरूर पूछने चाहिए-(1) इन्वेस्टमेंट टाइम फ्रेम क्या है?(2) उसमे earning और ग्रोथ पोटेंशियल क्या है?(3) उसे सेक्टर/इंडस्ट्री की स्थिति कैसी है?

ETF के फायदे और नुकशान

हर चीज़ के फायदे और नुकशान होते है. निवेशक के तौर पर आपको सिर्फ दो ट्ट्रांसक्शन करना होता है, पहला buy और दूसरा sell का.

फायदे

  • कम एक्सपेंस रेश्यो और कम ब्रोकर कमीशन
  • डायवर्सिफिकेशन के माध्यम से रिस्क मैनेजमेंट
  • ये किसी एक इंडस्ट्री पर फोकस्ड होते है.

नुकशान

  • Active ETF के फी ज्यादा होता है.
  • Highly focused होने के कारण diversification लिमिट हो जाता है.

तो कुछ इस तरह से आप ETF में निवेश कर सकते है. अगर यहाँ सही से निवेश किया जाये तो, यहाँ से से अच्छा retrun कमाया जा सकता है. तो उम्मीद है की, आप सब ये समझ चुके है की, ETF kya hai? और इसमें निवेश कैसे करे? अगर इस पोस्ट में कुछ भी वैल्यू है तो, इसे दुसरो के साथ शेयर जरूर करे.

Index Fund क्या होते हैं ?

Index Fund & ETF

Mutual fund में कई तरह के फण्ड होते हैं Index fund एक Equity Mutual fund होता हैं। इंडेक्स फण्ड शेयर बाज़ार के किसी इंडेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर में निवेश करते हैं।index में शामिल जितने कंपनियों का weightage होता हैं ETFs के प्रकार उसी अनुपात में उन कंपनियों के शेयर्स खरीदे जाते हैं ये फण्ड किसी विशेष इंडेक्स की सिक्योरिटीज में समान अनुपात में निवेश करता है। ये विशेष इंडेक्स NIFTY,Auto,Pharma ,IT , FMCG आदि हो सकते हैं।

मुख्यत रूप से इंडेक्स सूचकांक NSE का निफ़्टी और BSE का सेंसेक्स हैं इनके अलावा Sectorial Index भी होते हैं जैसे की Banks का बैंक निफ़्टी , ऑटो , फार्मा आदि सेक्टर इंडेक्स हैं जो अपनी सेक्टर की कनियो को रिप्रेजेंट करते हैं । इंडेक्स कई कंपनियों को मिलके बनाया जाता हैं जैसे की Nifty 50 टॉप 50 कंपनियों का एक बेंचमार्क इंडेक्स हैं।

Index Fund कैसे काम करता हैं ?

इंडेक्स फण्ड लगभग उसी तरह का प्रदर्शन करता हैं जिस तरह से इंडेक्स बर्ताव करता हैं अगर इंडेक्स में तेजी हैं तोःindex फण्ड में भी तेजी रहेगी और मंदी हैं तो इंडेक्स फण्ड में भी मंदी रह सकती हैं इसलिए जिस भी इंडेक्स में निवेश किया जाता हैं वैसा ही उस फण्ड का नफा नुक्सान रहता हैं अन्य फंडों की अपेक्षा इंडेक्स फंडों के चार्ज और ट्रांजैक्शन की लागत कम होती है।

Passively Managed Fund होने के कारण Fund manger को भी किसी विशेष इंडेक्स में शामिल stock का ही इंडेक्स फण्ड बनाना होता हैं जिसमे ज्यादा Research की जरूरत नहीं होती । केवल इंडेक्स के अनुसार ही स्टॉक खरदीने पड़ते हैं।

Index Fund में कैसे निवेश करें ?

इंडेक्स फण्ड में आप ऑफलाइन या ऑनलाइन के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं । Index Fund में पैसा लगाने के लिये आप सिप या लुम्प्सम अमाउंट के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं आप विभिन बैंक्स की वेबसाइट पर जाकर mutual फण्ड (Index fund) के बारे में जानकारी पा सकते हैं या किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की वेबसाइट भी चेक कर सकते हैं। इंडेक्स फण्ड में निवेश एक बेहतरीन विकलप हो सकता हैं क्यूंकि इसका परफॉरमेंस इंडेक्स बेंचमार्क से मिलता है। इंडेक्स फंडों के चार्ज और ट्रांजैक्शन की लागत कम होती है। लम्बे समय के लिया पूंजी निर्माण का एक अच्छा विकलप हैं और इसमे अच्छी कंपनियों का diversification शामिल होता हैं जिससे की रिस्क कम होता हैं।

ETF (Exchange Traded Fund) क्या होते हैं ?

ETF-Exchange Traded fund Share Market में लिस्ट और ट्रेड होने वाले फण्ड होते हैं ETF एक प्रकार ETFs के प्रकार का निवेश हैं जिसे स्टॉक मार्किट पर ख़रीदा और बेचा जाता हैं ETF में वैसे ही काम किया जाता हैं जैसे की शेयर बाज़ार में शेयर खरीदें और बेचे जाते हैं ETF पहले NFO की तरह पेश किए जाते हैं फिर उसके बाद ये शेयर बाज़ार मैं लिस्ट होते हैं जहाँ से इन्हे खरीद बेच सकते हैं।

ETF शेयरों के एक सेट में निवेश करते हैं। ये आमतौर पर एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं ETF में स्टॉक्स ,बांड्स, खरीदे जा सकते हैं और ट्रेडिंग डे के दौरान आसानी से बेचे जा सकते हैं

Types of ETF | ETF के प्रकार

Index ETF -Index ETF का Return और रिस्क निफ़्टी या सेंसेक्स जैसे इंडेक्स के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। क्यूंकि इंडेक्स ETF में निफ्टी या सेंसेक्स जैसे इंडेक्स होते हैं।

Bond ETF -Bond ETF के पैसे को उन बॉन्ड्स में इन्वेस्ट किए जाते हैं, जो उसके अन्तर्निहित इंडेक्स के घटकों से जुड़े होते हैं। जैसे की गवर्नमेंट, कॉर्पोरेट और पब्लिक सेक्टर यूनिट बांड्स। कुच्छ बांड ETF Maturity specific भी हो सकते हैं भारत बांड एक Maturity पीरियड के साथ आता हैं ।

Gold ETF -Gold ETF ke माध्यम से निवेशक गोल्ड में निवेश कर सकते हैं Gold ETF स्टॉक एक्सचेंज में एक ग्राम के यूनिट आकार में ट्रेड किए जाते हैं। इसकी कीमत में होने वाला बदलाव मार्केट में फिजिकल गोल्ड की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़ा होता है। ये एक सुरक्षित तरीका हो सकता हैं गोल्ड में निवेश करने का।

इन सबके अलावा सेक्टर स्पेसिफिक ETF भी होते हैं ETF पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का एक अच्छा विकल्प हैं। क्यूंकि इसमें इंडेक्स, सेक्टर और एसेट क्लास कवर होती हैं।

ETF(Exchange Traded Fund) में कैसे निवेश करें

ETF में निवेश के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए और बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए । स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से भी आप ETF में निवेश कर सकते हो। उधारण के लिए कोटक AMC का Kotak NIFTY ETF और SBI AMC का SBI ETF NIFTY.

Q-Index Fund क्या होते हैं ?

Ans- Index fund एक Equity Mutual fund होता हैं। इंडेक्स फण्ड शेयर बाज़ार के किसी इंडेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर में निवेश करते हैं

Q- Index Fund में कैसे निवेश करें

Ans- ऑफलाइन या ऑनलाइन के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं । Index Fund में पैसा लगाने के लिये आप सिप या लुम्प्सम अमाउंट के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं

Q- ETF (Exchange Traded Fund) क्या होते हैं ?

Ans- Share Market में लिस्ट और ट्रेड होने वाले फण्ड होते हैं ETF एक प्रकार का निवेश हैं जिसे स्टॉक मार्किट पर ख़रीदा और बेचा जाता हैं ETF में वैसे ही काम किया जाता हैं जैसे की शेयर बाज़ार में शेयर खरीदें और बेचे जाते हैं

एक ही फंड में निवेश साबित हो सकता है घाटे का सौदा, पोर्टफोलियो का Diversification इस प्रकार है फायदेमंद

आपके निवेश पोर्टफोलियो का मतलब है आपके द्वारा किए गए निवेशों का संग्रह।

Portfolio Diversification के कई तरीकें हैं पहला तरीका है परिसम्पत्तियों का आवंटन अर्थात अचल संपत्ति गोल्ड ईटीएफ बॉन्ड म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों में से किसी एक में निवेश करने के बजाय इन सभी में संगठित और व्यवस्थित तरीके से निवेश करके अपने पूरे पोर्टफोलियो की जोखिम को कम करना।

नई दिल्ली, लिजी चैपमैन। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो काफी जल्दी निवेश की शुरुआत करते हैं, लेकिन उनसे कई ज्यादा लोग ऐसे होते हैं जो काफी देर हो जाने के बाद भी निवेश नहीं करतें। 1981 से 1996 के बीच पैदा हुए मिलेनियल्स में यह आदत काफी आम है। ध्यान देने लायक बात है कि मिलेनियल्स भारत की राष्ट्रीय घरेलु आय का 70% और कामकाज करने वाली आबादी का 46% हिस्सा है। इसका अर्थ ये नहीं है कि यह लोग निवेश के बारे में गंभीर नहीं हैं।

कोविड-19 के कारण शेयर बाजारों में 40% की गिरावट के बावजूद, देश में डिस्काउंट ब्रोकर्स के पास खाता खोलने में लगभग 70% की वृद्धि हुई, जिनमें से 80% खातें मिलेनियल्स निवेशकों के थे। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि अधिकतर मिलेनियल्स निवेश के बारे में अधिक जानकारी पाने के लिए सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं, खास कर म्यूच्युअल और इक्विटी फंड्स में निवेश कैसे करना है यह जानने में उन्हें विशेष रुचि है।

इंवेस्टमेंट का Diversification

नए निवेशकों के लिए मुश्किल और संवेदनशील विषय पर चर्चा (जो हम बहुत जल्द ही करेंगे) शुरू करने से पहले, हम आपको पोर्टफोलियो विविधीकरण के बारे में जानकारी देना चाहते हैं, ताकि आप बाद में नहीं, बल्कि निवेश को शुरू करते समय ही इसे ध्यान में रख सकते हैं।

आपके निवेश पोर्टफोलियो का मतलब है आपके द्वारा किए गए निवेशों का संग्रह, चाहे वह सावधि जमा हो या स्टॉक्स में हो। पोर्टफोलियो विविधीकरण क्या है और इसे क्यों किया जाना चाहिए इन दोनों सवालों के जवाब आपस में जुड़े हैं, इसलिए हम यहाँ आपको कुल जानकारी दे रहे हैं।

मूल रूप से, जब आपके निवेश पोर्टफोलियो की बात आती है, तो हमेशा ध्यान रखें कि दौड़ में कभी भी दौड़ में सिर्फ एक घोड़े पर दांव नहीं लगाया जाता। इस तरह से अगर आपका एक घोड़ा हार जाता है तो आपने जिस दूसरे घोड़े पर दांव लगाया है वह आपको नुकसान से बचा सकता है।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपने कोविड-19 से पहले अपनी पूरी बचत को यात्रा उद्योग में निवेश किया होता, तो आप संभवतः अपनी अधिकांश या पूरी पूंजी खो देते, जबकि अगर आपने यात्रा और एडटेक दोनों में निवेश किया होता, तो यात्रा उद्योग में किया हुआ आपका निवेश डूब जाता लेकिन एडटेक में निवेश में मिलने वाले लाभों से आप उस नुकसान की भरपाई कर लेते। इस प्रकार से अपने पोर्टफोलियो में सही तरीके से विविधता लाकर आप अपनी पूरी निवेश पूंजी को खोने से बचा सकते हैं। जोखिम को फैलाकर उसे कम करना इसका मूल उद्देश्य है।

इसके कई तरीकें हैं; पहला तरीका है परिसम्पत्तियों का आवंटन, अर्थात अचल संपत्ति, गोल्ड ईटीएफ, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों में से किसी एक में निवेश करने के बजाय इन सभी में संगठित और व्यवस्थित तरीके से निवेश करके अपने पूरे पोर्टफोलियो की जोखिम को कम करना।

आप इन परिसंपत्तियों को किस तरह से आवंटित करते हैं यह आपकी जोखिम उठाने की क्षमता पर या निवेश करते समय आप कितनी मात्रा में जोखिम उठाने के लिए तैयार है इस पर निर्भर करता है। जैसा कि हमने अपने निवेश की शुरूआत करने वालों के लिए मार्गदर्शन में उल्लेख किया है, निवेश पर आपको मिलने वाले लाभ जोखिम के अनुपात में होते हैं। यदि आप किसी पेशेवर से परामर्श नहीं कर रहे हैं, तो आपको कुछ मुद्दों पर सोचना होगा कि आपके पास बचत कितनी है, यदि निवेश में नुकसान होता है तो आपकी बचत कितना नुकसान सह सकती है और गवायी हुई पूंजी को वापिस पाने में कितना समय लगेगा।

अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने का और एक तरीका है - किसी एक निश्चित परिसंपत्ति वर्ग के भीतर विभिन्न विकल्पों में निवेश करना। इसलिए, उदाहरण के तौर पर, अगर आप शेयर्स में निवेश कर रहे हैं, तो आपको सावधान रहना चाहिए कि अपने सभी निवेशों को सिर्फ एक सेक्टर में केंद्रित न करें। स्टॉक्स में भी, जिनमें ज्यादा लाभ देने की अच्छी क्षमता और संभावना दिखती है उन विभिन्न सेगमेंट्स में निवेश करते रहें।

वास्तव में, एक निश्चित सेगमेंट के भीतर भी, आप अपने निवेश में विविधता ला सकते हैं। भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कंपनियों को उनके बाजार पूंजीकरण (कंपनी के बकाया शेयरों का बाजार मूल्य) को लार्ज-कैप (उच्च बाजार मूल्य), मिड-कैप और स्माल-कैप (कम बाजार मूल्य) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

लार्ज-कैप कंपनी में निवेश करने से मिलने वाले फायदें और नुकसान मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश करने के फायदें और नुकसान से अलग होते हैं क्योंकि इन सभी कंपनियों की वृद्धि और उनमें होने वाले परिवर्तन के चरण अलग-अलग होते हैं। लार्ज-कैप कंपनी के स्टॉक्स अच्छी तरह से स्थापित और स्थिर होते हैं, लेकिन उनमें किए गए निवेश में वृद्धि की संभावना ज्यादा नहीं है, जबकि स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स ज्यादा अस्थिर होते हैं क्योंकि वे बाजार में नए हैं, लेकिन उनमें विकास की संभावनाएं काफी ज्यादा होती हैं। दिए गए किसी एक सेगमेंट में एक के बजाय विभिन्न कंपनियों में निवेश करने से आपके निवेश में सही विविधता आ सकती है।

अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इससे आप अल्पकालिक अस्थिरता से सुरक्षित रह सकते हैं। जब आप अपने निवेश के प्रति एक व्यवस्थित दृष्टिकोण को अपनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे होते हैं, तब बाजार के अस्थायी रुझानों के आधार पर अल्पकालिक निवेश करने की आपकी संभावना कम होती है। विविधीकरण एक संगठित दृष्टिकोण है, भले ही अल्पावधि में ज्यादा नुकसान दिखाई दे रहा हो, लेकिन दीर्घावधि में उसे कम किया जा सकता है। आपके लिए यह केवल एक अस्थायी गड़बड़ से अधिक कुछ नहीं है क्योंकि आपका लक्ष्य दीर्घकालिक विकास और लाभ प्राप्त करना है।

पोर्टफोलियो विविधीकरण का एक अंतिम लाभ यह भी है कि इससे आप एक निवेशक के रूप में अपने कौशल को बढ़ाते हैं। शेयर्स और परिसंपत्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला में निवेश करने से आपको अर्थव्यवस्था का व्यापक दौर दिखाई देगा और कौन-सा निवेश आपके लिए सबसे बेहतर है इसके बारे में आपका अंतर्ज्ञान बढ़ेगा। जैसे आपके लाभ बढ़ते जाएंगे वैसे आप बढ़ते रहेंगे और आपको बेहतर आइडियाज आते रहेंगे।

याद रखें कि बाज़ार में गति हमेशा बनी रहेगी, लेकिन लंबी दौड़ में पोर्टफोलियो का विविधीकरण आपको सभी उतार-चढ़ावों से बचाता रहेगा।

(लेखक ZestMoney के सीईओ और को-फाउंडर हैं। प्रकाशित विचार लेखक के निजी हैं।)

Investment Tips: गोल्ड ईटीएफ क्या है? इसमें निवेश करने की जानिए 5 वजहें

गोल्ड में निवेश करना अब वास्तविक रूप से गोल्ड खरीदने तक सीमित नहीं रहा है। गोल्ड ईटीएफ एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) है जो वास्तविक गोल्ड की घरेलू कीमत से जुड़ा है। होल्डिंग और शुद्धता के आश्वासन के संबंध में पूर्ण पारदर्शिता के साथ, इलेक्ट्रॉनिक तरीके से गोल्ड में निवेश करने का यह एक आदर्श विकल्प है।

Updated Nov 19, 2022 | 09:05 AM IST

Gold etf

गोल्ड ईटीएफ में निवेश के टिप्स जानिए

यह सभी जानते हैं कि भारतीय लोग गोल्ड को पसंद करते हैं। इसके परम्परागत महत्व को देखते हुए, सदियों से विशेष रूप से विशेष अवसरों पर जैसे विवाह या त्योहारों पर गोल्ड एक पसंदीदा उपहार और निवेश रहा है। निवेश के तौर पर, यह मेटल पसंदीदा विकल्पों में आता है क्योंकि इसके साथ लिक्विडिटी की सुविधा के साथ-साथ जब मार्केट में उतार-चढ़ाव होता है, तो आपके पोर्टफोलियों को स्थिरता भी मिलती है। गोल्ड में निवेश करना अब वास्तविक रूप से गोल्ड खरीदने तक सीमित नहीं रहा है। अन्य विकल्प जो अब उपलब्ध हैं, उनसे शुद्धता के साथ समझौता किए बिना सुविधा भी प्राप्त होती है। एक प्रकार का विकल्प गोल्ड ईटीएफ है। ये क्या हैं और क्या ये आपके लिए सही विकल्प है, जानने के लिए पढ़िए।

गोल्ड ईटीएफ क्या है?

गोल्ड ईटीएफ एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) है जो वास्तविक गोल्ड की घरेलू कीमत से जुड़ा है। गोल्ड ईटीएफ के एक यूनिट की वैल्यू 1 ग्राम वास्तविक गोल्ड से जुड़ी है। स्टॉक की तरह, गोल्ड ईटीएफ को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया है, जहां पर उन्हें डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल करके खरीदा और बेचा जा सकता है। होल्डिंग और शुद्धता के आश्वासन के संबंध में पूर्ण पारदर्शिता के साथ, इलेक्ट्रॉनिक तरीके से गोल्ड में निवेश करने का यह एक आदर्श विकल्प है। अगर आप गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं, तो गोल्ड ईटीएफ के जरिए ऐसा करने के पांच कारणों पर आपको विचार करना चाहिए।

वास्तविक गोल्ड द्वारा समर्थित

गोल्ड ईटीएफ 99.5% शुद्धता से समर्थित होते हैं। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम वास्तविक गोल्ड की जारी कीमत के बराबर होती है। जब आप गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट को खरीदते हैं, तो कस्टोडियन द्वारा एक ग्राम वास्तविक गोल्ड खरीदा जाता है। भारत में गोल्ड ईटीएफ में कुल निवेश 20,000 करोड़ रूपये का है। जो कि पांच वर्ष पहले की तुलना में यह चार गुणा हो चुका है। यह अपवर्ड ट्रेंड इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड निवेश के तौर पर गोल्ड ईटीएफ के बढ़ते प्रचार-प्रसार को दिखाता है।

निम्न लागत- निम्न जोखिम निवेश

जोखिम और लागत के संदर्भ में, गोल्ड ईटीएफ वास्तविक गोल्ड से बढ़कर है। गोल्ड ईटीएफ डीमैट अकाउंट के माध्यम से बेचे और खरीदे जाने वाला डिजिटल निवेश है। क्योंकि इन्हें इलेक्ट्रॉनिकली स्टोर किया जाता है, वास्तविक गोल्ड की तुलना में चोरी का जोखिम बहुत कम है। इसके अलावा, वास्तविक गोल्ड में निवेश करने की लागत उच्च है क्योंकि आभूषणों पर मेकिंग चार्ज लगाए जाते हैं। गोल्ड ईटीएफ के साथ इस प्रकार का कोई चार्ज नहीं जुड़ा है, इसलिए ये कम लागत पर निवेश का साधन हैं।

सरल ट्रेडिंग

क्योंकि गोल्ड ईटीएफ को ऑनलाइन खरीदा जाता है और उन्हें डीमैट अकाउंट में धारित किया जाता है, किसी भी निवेशक द्वारा कभी भी इसे खरीदा और बेचा जा सकता है। इनसे उच्च लिक्विडिटी भी मिलती है क्योंकि स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों की तरह इनकी भी वर्तमान गोल्ड कीमत पर ट्रेडिंग की जा सकती है।

टैक्स-अनुकूल

ईटीएफ के ज़रिए गोल्ड में निवेश पर वास्तविक गोल्ड निवेश की तरह सम्पदा कर नहीं लगाया जाता है। लेकिन, गोल्ड ईटीएफ से मिलने वाले रिटर्न, इंडेक्सेशन लाभ के साथ दीर्घकालिक पूंजी लाभ के अंतर्गत आते हैं। गोल्ड ईटीएफ के लिए दीर्घकालिक पूंजी कर होल्डिंग के 36 महीनों के बाद बेचे गए यूनिट्स पर मिलने वाले लाभ पर लगाया जाता है, और इस प्रकार ये टैक्स-अनुकूल निवेश (साधन) बन जाते हैं। अल्पकालिक पूंजी लाभ- तीन वर्ष की धारिता अवधि से पहले अर्जित लाभ पर, आपकी आय में इस लाभ को जमा करने के बाद, लागू स्लैब दर के अनुसार कर लगाया जाएगा।

छोटे आकार के कारण स्वामित्व अफार्डेबल बन जाता है

गोल्ड ईटीएफ के कारण गोल्ड में निवेश करना अधिक आसान और अधिक अफॉर्डेबल बन गया है। निवेशक 1000 रूपये की निम्न राशि से एसआईपी के आधार पर गोल्ड ईटीएफ खरीद सकते हैं और समय के साथ एक बड़ा निवेश संचित कर सकते हैं। दूसरी तरफ, वास्तविक गोल्ड को केवल बड़े मौद्रिक निवेश के बाद ही खरीदा जा सकता है।

उनसे मिलने वाले अनेक लाभों के साथ, गोल्ड ईटीएफ गोल्ड में निवेश करने के लिए आदर्श विकल्प हैं। आप चाहे अनुभवी निवेशक हैं या अपने निवेश की यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं, तो हमेशा अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना याद रखें। अपने निवेश की नियमित आधार पर समीक्षा करें तथा अपने वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करें। यदि आप गोल्ड में निवेश करने में रुचि रखते हैं, तो इसे अपने पोर्टफोलियो के 5-10% तक सीमित रखें।

(डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसको निवेश से जुड़ी, वित्तीय या दूसरी सलाह न माना जाए)

ETF ETFs के प्रकार kya hai | ETF kya hota hai | Exchange Traded Funds In Hindi

Exchange-Traded-Funds-क्या-होता-है

ETF यानी कि Exchange Traded Funds क्या होता है? ETF काफी समान होते हैं Index funds से लेकिन फिर भी बहुत सारे difference होती है ETF और index funds mai.
पिछले पांच – 10 साल में ETF की मार्केट करीबन 20% बढ़ चुकी है हमारे हिंदुस्तान में. इस ETF के बढ़ोतरी का कारण हम आपको इसी पोस्ट में बताते हैं.

इस पोस्ट में आप जान पाएंगे:

  • ETF क्या होता है?
  • ETF कैसे काम करता है?
  • कितने प्रकार के ETF होते हैं?
  • ETF का मार्केट कैसे ग्रो कर रहा है और क्यों कर रहा है?
  • ETF मैं हमें क्यों निवेश करना चाहिए?

1. ETF क्या होता है?

तो चलिए सबसे पहले हम यह जानते हैं की ETF क्या होता है,Exchange Traded Funds को हम शॉर्ट फॉर्म में ETF कहते हैं. ETF पैसा कलेक्ट करता है इन्वेस्टर से जैसे कि म्यूच्यूअल फंड्स के अंदर पैसा कलेक्ट किया जाता है इन्वेस्टर से.
उसके बाद वह ETF जो भी इंडेक्स को फॉलो कर रहा है मान ETFs के प्रकार लेते हैं कि वह nifty को फॉलो कर रहा है तो जो भी हिंदुस्तान की सबसे बड़ी 50 कंपनी है और उनका प्रोपोर्शन जितना भी है निफ्टी में ETF उसने उसने प्रोपोर्शन में वह स्टॉक खरीद लेगा.

Index Funds vs ETF

किसी इंडेक्स को फॉलो करते हुए यह तो किसी इंडेक्स फंड की तरह ही हुआ तो आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर यह इंडेक्स फंड से किस प्रकार से अलग है?
जैसे कि आपको पता है ईटीएफ का फुल फॉर्म है एक्सचेंज ट्रेडेड फंड इसका मतलब यह फंड कहीं ना कहीं पर ट्रेड हो रहा है. NSE या BSE जो हमारे स्टॉक एक्सचेंज है वहां पर ETF ट्रेड होते हैं यानी कि यह बिल्कुल स्टॉक्स की तरह ट्रेड हो सकते हैं.
इंडेक्स फंड्स में या फिर म्युचुअल फंड्स में हमें ट्रेड करने के लिए Demat अकाउंट की जरूरत नहीं पड़ती परंतु ETF मैं ट्रेड करने के लिए हमें डीमेट अकाउंट की आवश्यकता होती है.

2. ETF कैसे काम करता है?

जो इंटेक्स फोन है या फिर म्यूच्यूअल फंड है वहां पर इन्वेस्टर से पैसा कलेक्ट किया जाता है उसके बाद वह फंड कहीं पर उस पैसे को इन्वेस्ट कर देता है तो इसी दौरान अगर मैंने इन्वेस्टर्स इस फंड में जुड़ना चाहते हैं तो उस फंड का AUM बढ़ता रहता है.
लेकिन ईटीएफ एक अलग तरीके से काम करता है ईटीएफ वैसे ही काम करता है जैसे कोई कंपनी के स्टॉक्स काम करते हैं.
जब भी कोई न्यू फंड ऑफर (NFO) आता है खाली उसी समय ईटीएफ के पास पैसा आता है और उसके बाद उस फंड में कभी भी पैसा नहीं आ सकता.

3. कितने प्रकार के ETF होते हैं?

जैसे कि हम जान गए कि ETF क्या होता है और कैसे काम करता है तो चलिए अब जान लेते हैं कि कितने प्रकार के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स होते हैं.
हिंदुस्तान में देखा जाए तो 3 प्रकार की ETF चलती है :

  1. Equity ETF
  2. Debt ETF
  3. Commodity ETF

लेकिन USA के जैसे बड़े-बड़े मार्केट में बहुत साले प्रकार के ETF पाए जाते हैं. हम अभी सिर्फ हमारे हिंदुस्तान में पाए जाने वाले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड के बारे में ही चर्चा करेंगे.

1. Equity ETF

तो जैसे कि इसके नाम से ही पता चल रहा है यह इक्विटी यानी कि स्टॉक्स के अंदर ही निवेश करता है और एक पार्टिकुलर इंडेक्स को फॉलो करता है.
ज्यादातर इपीएफ किसी ना किसी एक इंडेक्स को ही फॉलो करते हैं.
Ex. Nifty BEES

2. Debt ETF

दूसरे नंबर पर आ जाता है Debt ETF यानी कि किसी भी बॉन्ड्स के अंदर कोई निवेश करता है तो उसे हम कहते हैं Debt ETF
यह bonds कॉमेंट्स के हो सकते हैं या फिर प्राइवेट कंपनी के भी bonds हो सकते हैं. लेकिन सवाल यह उठता है उनकी कोई डायरेक्ट पोंड्स में ही क्यों इन्वेस्ट ना करके Debt ETF क्यों निवेश करना चाहेगा.
तो उसका यह जवाब है कि यहां पे हमें लिक्विडिटी बहुत मिलती है मतलब हम इसको कभी भी खरीद या फिर sell कर सकते हैं क्योंकि यह एक्सचेंज पर ट्रेड हो रहा है.
अगर आप बोंस में निवेश करते हैं तो आपको उसको बेचने के लिए मेच्योरिटी डेट का इंतजार करना पड़ेगा परंतु एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में ऐसा कोई मेच्योरिटी डेट का इंतजार करने की प्रक्रिया नहीं है यह डायरेक्ट एक्सचेंज से हम किसी भी शेयर्स की तरह खरीद या बेच सकते हैं

3. Commodity ETF

अब तीसरा होता है Commodity ETF, कमोडिटी यानी की सोने में निवेश कर सकता है या फिर चांदी में निवेश कर सकता है, तेल के अंदर कर सकता है इसी प्रकार की किसी भी कमोडिटी के अंदर निवेश कर सकता है. लेकिन इनमें सबसे ज्यादा पॉपुलर होते हैं GOLD ETF.
हिंदुस्तान में कमोडिटी इपीएफ की शुरुआत हुई थी 2007 में जोकि है Gold BeES.
देखा जाए तो गोल्ड ईटीएफ के लिए ही ETF का मार्केट बढ़ने लगा

4. ETF का मार्केट कैसे ग्रो कर रहा है और क्यों कर रहा है?

अभी आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड स्कीम फॉर्म डेट पिछले 5 से 10 साल में किस प्रकार बड़ी है. अगर मैं आपके साथ 2015 का डाटा शेयर करूं तो करीब-करीब ईटीएफ का मार्केट 15000 करोड का था, जो कि देखा जाए मार्च 2021 में यह बढ़कर करीबन 300000 करोड़ का हो चुका है.
पहले इसका जो मार्केट सियार था अगर हम इसको म्यूच्यूअल फंड के साथ कंपेयर करें तो उसका सिर्फ एक प्रसिद्ध था आज का मार्केट शेयर बढ़कर करीब 7% हो गया है.

5. ETF मैं हमें क्यों निवेश करना चाहिए?

अब सवाल उठता है कि आखिर हमें ईटीएफ में क्यों निवेश करना चाहिए, इसका सबसे पहला रीजन तो यह होगा इसका कॉस्ट बहुत ही कम रहता है, और दूसरा फायदा यह है की क्योंकि कॉस्ट कम हो जाती है तो हमारा रिटर्न इसमें ज्यादा हो सकता है.
तीसरी बात यह है कि हम इसे कभी भी खरीद सकते हैं और कभी भी भेज सकते हैं इसका कोई मैच्योरिटी डेट नहीं रहता.
काफी लोग तो इपीएफ के अंदर ट्रेडिंग भी करते हैं और अच्छा खासा मुनाफा कमा लेते हैं.

Conclusion:

आशा करते हैं कि हमारा यह आर्टिकल आपको ईटीएफ के बारे में कई सारी इनफार्मेशन प्रदान करने में सफल रहा होगा. इसी प्रकार ही हम स्टॉक मार्केट की कई साले भिन्न भिन्न प्रकार के टॉपिक्स पर आर्टिकल्स बना रहे हैं. हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब कर लीजिए और कोई भी नहीं आर्टिकल्स आने से आपके सब्सक्रिप्शन मेल में नोटिफिक चला जाएगा जिससे कि आपको पता चल सके कि आज किस टॉपिक में आर्टिकल आया है.

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